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17 साल लड़के-लड़कियों को रोज मिनिमम 60 मिनट तेज कसरत करना जरूरी, मजबूत होंगी हड्डियां

विश्व स्वास्थ्य संगठन के दिशा-निर्देशों के अनुसार, पांच से 17 वर्ष के बच्चों को सप्ताह भर में औसतन प्रतिदिन कम से कम 60 मिनट मध्यम से तीव्र शारीरिक गत...और पढ़ें

By Navodit SaktawatEdited By: Navodit Saktawat
Publish Date: Mon, 19 Oct 2026 11:49:47 AM (IST)Updated Date: Mon, 19 Oct 2026 11:59:13 AM (IST)
17 साल लड़के-लड़कियों को रोज मिनिमम 60 मिनट तेज कसरत करना जरूरी, मजबूत होंगी हड्डियां
हड्डियों की मजबूती के उपाय

HighLights

  1. 5 से 17 वर्ष के बच्चों को प्रतिदिन कम से कम 60 मिनट मध्यम से तीव्र शारीरिक गतिविधि करनी चाहिए।
  2. कम से कम तीन दिन मांसपेशियों और हड्डियों को मजबूत करने वाली गतिविधियां शामिल होनी चाहिए।
  3. आउटडोर खेल, दौड़ना और उम्र के अनुरूप शारीरिक गतिविधियों के लिए समय तय करना उपयोगी है।

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। मोबाइल, टैबलेट और कंप्यूटर पर बढ़ता समय बच्चों की दिनचर्या के साथ उनकी शारीरिक सक्रियता को भी प्रभावित कर सकता है। विश्व बाल अस्थि एवं जोड़ दिवस के अवसर पर यह सवाल महत्वपूर्ण है कि डिजिटल गतिविधियों के बीच बच्चों को खेलने, दौड़ने और मांसपेशियों को मजबूत बनाने का पर्याप्त समय मिल रहा है या नहीं। क्लीनिकल एपिडेमियोलाजी एंड ग्लोबल हेल्थ में प्रकाशित भारतीय शोध में अधिक स्क्रीन टाइम का संबंध कम शारीरिक गतिविधि, मांसपेशियों की कम गुणवत्ता और खराब नींद से सामने आया है।

अध्ययन में 11 से 13 वर्ष के 252 बच्चों को शामिल किया गया। इनमें 138 लड़के और 115 लड़कियां थीं। लड़कों का औसत स्क्रीन टाइम प्रतिदिन 7.51 घंटे और लड़कियों का 6.8 घंटे था। शोध में अधिक स्क्रीन टाइम के साथ शारीरिक गतिविधि का स्तर कम और बीएमआई अधिक होने का संबंध भी मिला। हालांकि, अध्ययन से यह साबित नहीं होता कि स्क्रीन टाइम ही इन बदलावों का कारण है।


मांसपेशियों की गुणवत्ता भी अध्ययन का हिस्सा

शोधकर्ताओं ने बच्चों की मांसपेशियों की गुणवत्ता का आकलन हाथ की पकड़ की ताकत और बीएमआई के आधार पर किया। इसके अलावा नींद की गुणवत्ता, शारीरिक गतिविधि और छह मिनट पैदल चलने की क्षमता का आकलन भी किया गया। अधिक स्क्रीन टाइम का संबंध मांसपेशियों की कम गुणवत्ता और खराब नींद से पाया गया। अध्ययन में हड्डियों का घनत्व सीधे नहीं मापा गया था, इसलिए इन निष्कर्षों को हड्डियां कमजोर होने का प्रमाण नहीं माना जा सकता।

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रोज खेलना भी जरूरी

  • विश्व स्वास्थ्य संगठन के दिशा-निर्देशों के अनुसार, 5 से 17 वर्ष के बच्चों को सप्ताह भर में औसतन प्रतिदिन कम से कम 60 मिनट मध्यम से तीव्र शारीरिक गतिविधि करनी चाहिए।
  • इसमें सप्ताह में कम से कम तीन दिन मांसपेशियों और हड्डियों को मजबूत करने वाली गतिविधियां शामिल होनी चाहिए।
  • बच्चों की दिनचर्या में आउटडोर खेल, दौड़ना, कूदना और उम्र के अनुरूप शारीरिक गतिविधियों के लिए समय तय करना उपयोगी है।
  • अभिभावकों को मनोरंजन के लिए स्क्रीन पर बिताए जाने वाले समय और सोने की दिनचर्या पर भी ध्यान देना चाहिए।
  • विश्व बाल अस्थि एवं जोड़ दिवस का संदेश यही है कि बच्चों के स्वस्थ विकास में डिजिटल शिक्षा के साथ शारीरिक सक्रियता को भी पर्याप्त जगह मिले।

क्लीनिकल एपिडेमियोलाजी एंड ग्लोबल हेल्थ पत्रिका क्या है

‘क्लीनिकल एपिडेमियोलाजी एंड ग्लोबल हेल्थ’ स्वास्थ्य और रोगों से जुड़े शोध प्रकाशित करने वाली अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक पत्रिका है। इसमें प्रकाशित अध्ययन में 11 से 13 वर्ष के बच्चों के स्क्रीन टाइम और उनकी शारीरिक सक्रियता, मांसपेशियों की गुणवत्ता तथा नींद के बीच संबंध का अध्ययन किया गया।

बीएमआई (बाडी मास इंडेक्स): यह लंबाई और वजन के आधार पर शरीर के वजन की स्थिति का आकलन करने वाला माप है। इसकी गणना वजन (किलोग्राम) को लंबाई (मीटर) के वर्ग से भाग देकर की जाती है। बच्चों में बीएमआई का आकलन उम्र और लिंग के अनुरूप किया जाता है। इस शोध में बीएमआई का उपयोग मांसपेशियों की गुणवत्ता के सूचकांक की गणना में भी किया गया।

30 की उम्र के बाद बढ़ता है यह टेंशन, हड्डियों का बैलेंस बनाए रखने में क्‍या करना चाहिए?

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बच्चों का ज्यादा स्क्रीन टाइम उनके शारीरिक, मानसिक और सामाजिक जीवन को प्रभावित करता है। बच्चे चिड़चिड़े हो रहे हैं, उनकी शारीरिक गतिविधि कम होने से मोटापा और हड्डियों पर असर पड़ रहा है।

निखिल ओझा, बाल रोग विशेषज्ञ

किशोरावस्था में हड्डियों के स्वस्थ विकास के लिए स्क्रीन टाइम सीमित रखना बेहद जरूरी है। इसी के साथ नियमित व्यायाम, सही शारीरिक मुद्रा बनाए रखना भी आवश्यक है। बच्चों का रोज खेलना भी जरूरी है।

प्रवीण जड़िया, बाल रोग विशेषज्ञ