
लाइफस्टाइल डेस्क। 30 साल की उम्र के बाद हड्डियों को मजबूत रखने के लिए संतुलित आहार, पर्याप्त कैल्शियम और विटामिन डी का सेवन, नियमित व्यायाम और स्वस्थ जीवनशैली अपनाना महत्वपूर्ण है, जिसमें धूमपान और अत्यधिक कैफीन के सेवन से बचना शामिल है। उम्र बढ़ने के साथ डेंसिटी धीरे-धीरे कम होने लगती है। साइलेंट डिजीज यानी आस्टियोपोरोसिस हडिडयों को कमजोर और फ्रेजाइन बना देता है।
महिलाएं, खासकर मेनोपाज के बाद, इस बीमारी से ज्यादा प्रभावित होती हैं। इस दौरान हार्मोन में बदलाव होता है, जो हड्डियों को कमजोर बना सकता है। हड्डियों में मिनरल्स की कमी हो जाती है, जिससे वे कमजोर हो जाती हैं और आसानी से टूटती हैं।
मेनोपाज के दौरान एस्ट्रोजन हार्मोन कम हो जाता है, जो हड्डियों की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाता है। कूल्हे, रीढ़ और कलाई में कमर की हड्डियों में फ्रैक्चर होने का खतरा रहता है।
दूध, दही, पनीर, हरी पत्तेदार सब्जियों, बादाम, अंजीर आदि में कैल्शियम भरपूर मात्रा में पाया जाता है। सूरज की रोशनी विटामिन-डी का सबसे अच्छा माध्यम है। मछली, अंडे, दूध और कुछ अनाजों में भी विटामिन-डी पाया जाता है। हल्का व्यायाम हड्डियों को मजबूत बनाते हैं।

Health Tips: हड्डियों को मजबूत रखने के लिए बंद ना करें व्यायाम
आर्थोपेडिक सर्जन DR. सुधीर तिवारी का कहना है कि वाकिंग, जागिंग, स्विमिंग हड्डियों को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। योग हड्डियों को बैलेंस बनाए रखने में मदद करता है। धूमपान भी हड्डियों को कमजोर बनाते हैं।
