
लाइफस्टाइल डेस्क। महिलाओं में मासिक धर्म यानी पीरियड्स के दौरान पेट के निचले हिस्से में दर्द और ऐंठन एक आम समस्या है। हालांकि, कई बार यह दर्द इतना असहनीय हो जाता है कि महिलाओं को पेनकिलर्स (दर्द निवारक दवाओं) का सहारा लेना पड़ता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, बार-बार दवाओं का सेवन लंबे समय में सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने अब नेचुरल थेरेपी और जीवनशैली में बदलाव को इस समस्या का बेहतर विकल्प बताया है। हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, इन 6 आसान और प्राकृतिक तरीकों से पीरियड के दर्द को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
यह सदियों पुराना और सबसे प्रभावी तरीका है। गर्म पानी की बोतल या हीटिंग पैड से पेट के निचले हिस्से की सिकाई करने से यूट्रस (गर्भाशय) की मांसपेशियों को आराम मिलता है। इससे रक्त संचार (Blood Flow) बेहतर होता है और ऐंठन में तुरंत राहत मिलती है।
अदरक अपने एंटी-इंफ्लेमेटरी और एनाल्जेसिक (दर्द निवारक) गुणों के लिए जाना जाता है। ईरान में हुई हालिया स्टडीज के अनुसार, पीरियड के दौरान अदरक का पाउडर या अदरक वाली चाय का सेवन दवाओं की तरह ही प्रभावी असर दिखाता है।
दर्द के दौरान बिस्तर पर लेटे रहने के बजाय हल्की एक्टिविटी फायदेमंद होती है। 'बालासन' (Child Pose) और 'मार्जरासन' (Cat-Cow Pose) जैसे योगासन मांसपेशियों के खिंचाव को कम करते हैं और शरीर में एंडोर्फिन (हैप्पी हार्मोन) रिलीज करते हैं, जो प्राकृतिक रूप से दर्द कम करता है।
लैवेंडर और गुलाब जैसे एसेंशियल ऑयल्स की खुशबू न केवल तनाव कम करती है, बल्कि इनसे पेट की हल्की मालिश करने से मांसपेशियों की जकड़न भी दूर होती है। यह तरीका उन महिलाओं के लिए बेहद कारगर है जिन्हें दर्द के साथ जी मिचलाने की समस्या होती है।
खान-पान का सीधा असर पीरियड क्रैम्प्स पर पड़ता है। मैग्नीशियम मांसपेशियों को रिलैक्स करने का काम करता है। डाइट में हरी पत्तेदार सब्जियां, नट्स, डार्क चॉकलेट और सीड्स को शामिल करने से पीरियड्स के दौरान होने वाली मरोड़ कम होती है।
शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) मांसपेशियों को सख्त बना देती है, जिससे दर्द बढ़ जाता है। पर्याप्त पानी पीने के साथ-साथ सौंफ की चाय का सेवन ब्लोटिंग (पेट फूलना) को कम करता है और राहत पहुंचाता है।
अगर पीरियड का दर्द सामान्य से बहुत अधिक है या हर महीने दवाओं के बिना काम नहीं चल रहा, तो एक बार स्त्री रोग विशेषज्ञ (Gynecologist) से परामर्श जरूर लें।