
लाइफस्टाइल डेस्क। फैशन के दौर में ऊंची हील पहनना स्टाइल माना जाता है, लेकिन इसका लगातार उपयोग ठीक नहीं है। यह घुटने, कमर और एड़ी के दर्द सहित कई गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है। ऊंची हील पहनने से शरीर का पूरा वजन पंजों और घुटनों पर आ जाता है।
सामान्य स्थिति में वजन बराबर बंटा रहता है, लेकिन ज्यादा हील पहनने पर 75 प्रतिशत वजन सिर्फ आगे के हिस्से पर आता है। इससे शरीर का संतुलन बिगड़ता है। यह घुटने में आर्थराइटिस का कारण बन सकता है। हील से घुटने के जोड़ पर दबाव बढ़ता है।
लंबे समय तक पहनने से कार्टिलेज घिसने लगता है और कम उम्र में ही गठिया हो सकता है। कमर और रीढ़ में दर्द संभव, हील पहनने से रीढ़ की हड्डी का नेचुरल कर्व बिगड़ता है, जिससे कमर दर्द और स्पॉन्डिलाइटिस की शिकायत होती है। एड़ी और नसों में खिंचाव होता है और लगातार खिंचाव से एड़ी में सूजन और नसों में दर्द होता है।
अस्थि रोग विशेषज्ञ Dr. शामिख रजा का कहना है कि कई बार नस चढ़ने की समस्या भी होती है। मोच और फ्रैक्चर का खतरा बना रहता है। ऊंची हील में चलने से पैर मुड़ने और गिरने का खतरा ज्यादा रहता है।

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रोजाना ऊंची हील न पहनें तो अच्छा। पार्टी के लिए 1 से 1.5 इंच की हील ही ठीक है। यदि पहनना जरूरी है तो बीच-बीच में जूते उतारकर पैरों को आराम दें। घर में नंगे पैर या सॉफ्ट चप्पल पहनें और रोज पैरों की सिकाई और स्ट्रेचिंग करें। लगातार दर्द होने पर तुरंत विशेषज्ञ से परामर्श लें, नजरअंदाज न करें।