
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। यदि आप होटल और रेस्टोरेंट में पनीर टिक्का या पनीर बटर मसाला खाने के शौकीन हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है। महाराष्ट्र और गुजरात सरकार ने सुरक्षा और मिलावट पर रोक लगाने के लिए गैर-मानकीकृत (unstandardised) 'एनालॉग पनीर' के प्रोडक्शन, बिक्री, भंडारण और परिवहन पर एक साल के लिए पूरी तरह से रोक लगा दी है।
महाराष्ट्र एफडीए (FDA) आयुक्त तुकाराम मुंढे ने 30 जुलाई 2026 को इस संबंध में गजट आदेश जारी किया था। इसके बाद 6 अगस्त को गुजरात सरकार ने भी राज्य स्तर पर एनालॉग पनीर, बटर और चीज पर इसी तरह का प्रतिबंध लागू किया।
खाद्य सुरक्षा विभाग (FDA) की हालिया लैब जांच रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ था। राज्य से लिए गए पनीर के सैंपल्स में से 35% से अधिक सैंपल जांच में फेल हो गए। इन सैंपल्स में दूध के फैट की जगह वेजिटेबल ऑयल और पाम ऑयल की मिलावट पाई गई, जिसके बाद जनस्वास्थ्य की रक्षा और डेयरी उद्योग को नुकसान से बचाने के लिए यह कदम उठाया गया।
कई एक्सपर्ट्स और डाइटिशियन्स के मुताबिक, असली पनीर को शुद्ध दूध को नीबू के रस या सिरके से फाड़कर पारंपरिक तरीके से बनाया जाता है, जो प्रोटीन और कैल्शियम से भरपूर होता है
वहीं, एनालॉग पनीर को बनाने में दूध का इस्तेमाल नहीं होता। इसे पाम ऑयल, सस्ते वनस्पति तेल, स्टार्च, इमल्सीफायर और फूड एडिटिव्स मिलाकर तैयार किया जाता है। देखने, छूने और स्वाद में यह बिल्कुल असली पनीर जैसा लगता है, लेकिन सेहत केलिए यह बिना किसी न्यूट्रिएंट के (Zero Nutritional Value) हानिकारक ऑप्शन है।
स्पेशलिस्ट के अनुसार, एनालॉग पनीर तुरंत जहर का काम नहीं करता, लेकिन इसके लगातार सेवन से शरीर पर गंभीर दिक्कतें हो सकती हैं। जैसे-
बाजार में असली डेयरी पनीर की कीमत 350 प्रति किलो से अधिक है, जबकि मिलावटी एनालॉग पनीर 150 प्रति किलो या उससे भी कम दाम में धड़ल्ले से बेचा जा रहा था। इसी कम कीमत के कारण कई होटल और रेस्टोरेंट इसका धड़ल्ले से इस्तेमाल कर रहे थे।
कई स्पेशलिस्ट ने ग्राहकों को बाजार से पनीर खरीदते समय इन बातों का ध्यान रखने की सलाह दी है। जानिए पनीर खरिदते वक्त किन बातों को ध्यान में रखना जरूरी है।
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