
हेल्थ डेस्क। सुबह की नींद भगाने के लिए कॉफी, पढ़ाई या काम के दौरान एनर्जी ड्रिंक और जिम से पहले प्री-वर्कआउट सप्लीमेंट… कैफीन हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है। लेकिन जरूरत से ज्यादा कैफीन शरीर के लिए खतरनाक हो सकता है। ब्रिटेन में 25 साल के Alfie Goddard की मौत के मामले ने एक बार फिर कैफीन के अत्यधिक सेवन को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
एक रिपोर्ट के मुताबिक, युवक ने कैफीन की गोलियों की ज्यादा मात्रा का सेवन किया था। बाद में टॉक्सिकोलॉजी जांच में उसके शरीर में कैफीन का स्तर ओवरडोज के बराबर पाया गया। यह मामला खास तौर पर उन लोगों के लिए चेतावनी है जो कॉफी या चाय के अलावा कैफीन टैबलेट, एनर्जी ड्रिंक और प्री-वर्कआउट प्रोडक्ट्स का भी इस्तेमाल करते हैं।
कैफीन की जरूरत और उसे सहन करने की क्षमता हर व्यक्ति में अलग होती है। शरीर का वजन, कुछ दवाएं, मेडिकल कंडीशन और व्यक्तिगत संवेदनशीलता इसके असर को बदल सकते हैं। अमेरिकी FDA के अनुसार, ज्यादातर हेल्दी एडल्ट्स के लिए दिनभर में करीब 400 mg कैफीन नुकसान नहीं पहुंचाती। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि 400 mg हर व्यक्ति के लिए सुरक्षित सीमा है।
सबसे ज्यादा सावधानी कैफीन पाउडर या ज्यादा कैफीन प्रोडक्ट्स के मामले में जरूरी है। FDA ने ऐसे प्रोडक्ट्स को लेकर चेतावनी दी है। दरअसल, बहुत कम मात्रा में भी इनमें कैफीन की अत्यधिक मात्रा हो सकती है और मापने में छोटी गलती भी खतरनाक हो सकती है।
कैफीन एक स्टिमुलेंट (stimulant) है, यानी यह सेंट्रल नर्वस सिस्टम को एक्टिव करता है। यह सीमित मात्रा में यह नींद और थकान कम करने में मदद कर सकता है। लेकिन बहुत ज्यादा कैफीन लेने पर शरीर जरूरत से ज्यादा स्टिमूलेटेड हो सकता है। इसका असर दिल, दिमाग, नींद और पाचन तंत्र पर दिखाई दे सकता है।
अगर शरीर में कैफीन की मात्रा जरूरत से ज्यादा हो जाए तो शुरुआत में कुछ लोगों को यह दिक्कतें हो सकती है-
कैफीन शरीर में हार्ट रेट और ब्लड प्रेशर को प्रभावित कर सकता है। बहुत ज्यादा मात्रा में इसका असर दिल की एक्टिविटी पर भी पड़ सकता है।
गंभीर टॉक्सीन में खतरनाक अहनॉर्मल हर्ट रिदम यानी arrhythmias हो सकती हैं। ऐसी स्थिति में दिल की पंपिंग क्षमता प्रभावित हो सकती है और बेहद गंभीर मामलों में कार्डियक अरेस्ट तक हो सकता है।
इसलिए अगर कैफीन लेने के बाद धड़कन असामान्य रूप से तेज हो रही है, सीने में परेशानी हो रही है या दिल की धड़कन अनियमित महसूस हो रही है, तो इसे सामान्य मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
कैफीन की अत्यधिक मात्रा नर्वस सिस्टम को भी प्रभावित कर सकती है। गंभीर टॉक्सिसिटी में व्यक्ति को बहुत ज्यादा बेचैनी और बेचैनी हो सकता है। बहुत ज्यादा मात्रा से दौरे भी पड़ सकते हैं।
जरूरत से ज्यादा कैफीन पाचन तंत्र को प्रभावित कर सकता है। इसके कारण मतली, उल्टी, पेट में परेशानी और दस्त जैसी समस्याएं हो सकती हैं। अगर उल्टी या दस्त लगातार हो रहे हों तो शरीर में पानी और electrolytes की कमी भी हो सकती है।
कैफीन का असर सिर्फ उसी समय तक सीमित नहीं रहता जब आप इसे पीते हैं। खासकर देर शाम या रात में ज्यादा कैफीन लेने से सोने में परेशानी हो सकती है।
इसके अलावा ज्यादा सेवन से बेचैनी, घबराहट, हाथ कांपना और चिड़चिड़ापन बढ़ सकता है। जिन लोगों को पहले से कैफीन के प्रति ज्यादा सेंसेटिविटी है, उनमें कम मात्रा में भी ये लक्षण दिखाई दे सकते हैं।
अगर आप अपनी रोज की कैफीन मात्रा पर नजर रखना चाहते हैं तो सिर्फ कॉफी के कप गिनना काफी नहीं है। कैफीन कई चीजों में हो सकता है, जैसे-
FDA भी सलाह देता है कि दिनभर में इस्तेमाल होने वाले सभी caffeine sources को जोड़कर देखें।
एनर्जी ड्रिंक में कैफीन की मात्रा ब्रांड और सर्विंग साइज के हिसाब से काफी अलग हो सकती है। इसलिए सिर्फ ‘एक कैन’ या ‘एक सर्विंग’ देखकर इसकी मात्रा का अंदाजा नहीं लगाना चाहिए।
वहीं कैफीन टैबलेट्स में जोखिम ज्यादा हो सकता है। थोड़ी मात्रा में ही काफी ज्यादा कैफीन मौजूद हो सकता है। FDA ने प्लोर और हाई कंसन्ट्रेटेड कैफीन प्रोडक्ट से बचने की सलाह दी है।
अगर बहुत ज्यादा कैफीन लेने के बाद व्यक्ति यह कुछ लक्षण दिखाई दे सकते हैं-
अगर आपको यह सभी लक्षण दिखाई दे, तो आपको तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
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