70% महिलाएं इस बीमारी से अनजान, बढ़ सकता है हार्ट अटैक का खतरा! जानिए PCOS जैसी दिखने वाली इस बीमारी के लक्षण
PMOS को अब एक मेटाबॉलिक डिसऑर्डर (PMOS) के रूप में समझा जा रहा है। इंसुलिन रेजिस्टेंस, एंड्रोजन हार्मोन में बढ़ोतरी, आनुवंशिकता और अनियमित दिनचर्या इस...और पढ़ें
Publish Date: Wed, 23 Sep 2026 12:26:17 PM (IST)Updated Date: Wed, 23 Sep 2026 12:26:17 PM (IST)
महिला स्वास्थ्य और इनफर्टिलिटी से जुड़े मेटाबॉलिक डिजीज (PMOS/PCOS) के लक्षण और कारण।HighLights
- PMOS केवल ओवरी या रिप्रोडक्शन तक सीमित नहीं है
- PMOS एक जटिल मेटाबॉलिक और हार्मोनल डिजीज है
- 70% महिलाएं PMOS के लक्षणों और कारण से अनजान है
हेल्थ डेस्क, नई दिल्ली। महिलाओं में अनियमित पीरियड्स, वजन बढ़ना, चेहरे पर अनचाहे बाल और इनफर्टिलिटी (बांझपन) की समस्या के पीछे आमतौर पर PCOS को जिम्मेदार माना जाता था। लेकिन अब स्पेशलिस्ट इसे व्यापक रूप से PMOS (Polycystic Metabolic Ovarian Syndrome) के रूप में देख रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, दुनिया भर में PMOS से पीड़ित लगभग 70% महिलाएं इसके लक्षणों से अनजान रहती हैं या इसे नजरअंदाज कर देती हैं।
समय पर उचित इलाज न होने पर यह समस्या न केवल रिप्रोडक्टिव हेल्थ को नुकसान पहुंचाती है, बल्कि टाइप-2 डायबिटीज और हृदयरोग जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा भी बढ़ा देती है।
PMOS क्या है?
PMOS केवल ओवरी में सिस्ट की समस्या नहीं है, बल्कि यह एक जटिल हार्मोनल और मेटाबॉलिज्म (उपापचय) विकार है। इसमें एंड्रोजन (पुरुष हार्मोन) का स्तर बढ़ जाता है, जिससे शरीर में इंसुलिन रेजिस्टेंस (Insulin Resistance) होता है। साथ ही ओव्यूलेशन प्रोसेस बाधित हो जाती है। यह दुनिया भर में महिलाओं में इनफर्टिलिटी का सबसे आम कारण है और 8 से 13 % महिलाओं को प्रभावित करता है।
PMOS के कारण (Causes)
- हार्मोनल असंतुलन: शरीर में एंड्रोजन (पुरुष हार्मोन) का स्तर बढ़ने से ओव्यूलेशन प्रभावित होता है।
- इंसुलिन प्रतिरोध (Insulin Resistance): शरीर की कोशिकाएं इंसुलिन के प्रति सही प्रतिक्रिया नहीं दे पातीं, जिससे शरीर अधिक इंसुलिन बनाने लगता है। इससे ओवरी की कार्यप्रणाली और मेटाबॉलिज्म बिगड़ने लगता है।
- आनुवंशिकता (Family History): यदि परिवार में पहले से किसी को पीसीओएस या पीएमओएस रहा है, तो इसका जोखिम काफी बढ़ जाता है।
- अनियमित लाइफस्टाइल: खराब खानपान, शारीरिक निष्क्रियता, तनाव और नींद की कमी PMOS को बढ़ावा देती है।
PMOS के लक्षण (Symptoms)
- पीरियड्स में गड़बड़ी
- स्किन और बालों की समस्या
- अनचाहे बाल (Hirsutism)
- वजन बढ़ना
- थकान और मानसिक तनाव
PMOS को कैसे रोके
- पीएमओएस को पूरी तरह से समाप्त करना कठिन है, लेकिन सही दिनचर्या और वजन में 8 से 10 % की कमी करके इसके लक्षणों को पूरी तरह से नियंत्रित किया जा सकता है:
- आहार में सुधार: प्रोसेस्ड फूड और मीठी चीजों से दूरी बनाएं। भोजन में फाइबर, कॉम्प्लेक्स कार्ब्स, हरी पत्तेदार सब्जियां और मौसमी फलों को शामिल करें ताकि इंसुलिन का संतुलन बेहतर रहे।
- फिजिकल एक्टिविटी: रोजाना कम से कम 30 से 45 मिनट कसरत, योग या वॉक के लिए जरूर निकालें। इससे वजन और हार्मोन नियंत्रित रहेंगे।
- मेंटल हेल्थ और नींद: तनाव दूर करने के लिए मेडिटेशन करें और 7-8 घंटे की गहरी नींद लें। हताश होने के बजाय स्पेशलिस्ट से परामर्श लें।
स्पेशलिस्ट की राय
इस प्रॉब्लम को लेकर कई एक्सपर्ट्स कहते हैं- कम उम्र में ही लड़कियों में पीरियड्स की अनियमितता पर ध्यान देना चाहिए। ओवरी में सिस्ट होने का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि महिला कभी मां नहीं बन सकती। ओव्यूलेशन ट्रैकिंग, सही चिकित्सीय परामर्श और जीवनशैली में बदलाव से गर्भधारण पूरी तरह संभव है।
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