
लाइफस्टाइल डेस्क। HPV यानी ह्यूमन पैपिलोमावायरस एक ऐसा संक्रमण है, जो बिना किसी स्पष्ट लक्षण के शरीर में पनपता रहता है और बाद में कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का कारण बन सकता है। दुनिया भर में यह वायरस बेहद आम है और सेक्शुअली एक्टिव अधिकांश लोग जीवन में कभी न कभी इसके संपर्क में आते हैं।
सही जानकारी और समय पर टीकाकरण ही इससे बचाव का सबसे प्रभावी तरीका माना जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार HPV वैक्सीन को लेकर कई भ्रम हैं। इन्हीं से जुड़े जरूरी सवालों के जवाब जानना हर किसी के लिए जरूरी है।
HPV 200 से ज्यादा वायरसों का समूह है। इनमें कुछ सामान्य और कुछ हाई-रिस्क होते हैं। विशेषज्ञ बताते हैं कि लगभग हर सेक्शुअली एक्टिव व्यक्ति जीवन में कभी न कभी HPV से संक्रमित हो सकता है।
यह वायरस स्किन-टू-स्किन सेक्शुअल कॉन्टैक्ट से फैलता है, जिसमें वेजाइनल, एनल और ओरल सेक्स शामिल हैं। हाई-रिस्क HPV बिना लक्षण के लंबे समय तक शरीर में रहकर कैंसर का कारण बन सकता है।
HPV का संबंध सर्वाइकल, एनल, गले (ओरोफैरिंजियल), पेनाइल, वल्वर और वेजाइनल कैंसर से है। इसके अलावा यह जेनिटल वॉर्ट्स और कुछ दुर्लभ श्वसन संबंधी बीमारियों का कारण भी बन सकता है।
डॉक्टरों के मुताबिक HPV वैक्सीन लगवाने की सबसे सही उम्र 9 से 12 साल है। इस उम्र में टीका वायरस के संपर्क से पहले लगने पर सबसे ज्यादा असरदार होता है।
9 से 14 साल की उम्र में दो डोज पर्याप्त होती हैं, जबकि 15 साल या उससे अधिक उम्र के लोगों को तीन डोज लेने की सलाह दी जाती है।
हां, सेक्शुअली एक्टिव लोगों को भी वैक्सीन से लाभ मिल सकता है, क्योंकि संभव है कि वे HPV के सभी खतरनाक टाइप्स के संपर्क में न आए हों। हालांकि, वैक्सीन पहले से मौजूद संक्रमण का इलाज नहीं करती, बल्कि भविष्य के संक्रमण से बचाव करती है।
विशेषज्ञों के अनुसार HPV वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है। इसके साइड इफेक्ट्स आमतौर पर हल्के होते हैं, जैसे इंजेक्शन वाली जगह पर दर्द या हल्का बुखार। गंभीर एलर्जी या गर्भावस्था की स्थिति में डॉक्टर से सलाह जरूरी है।
नहीं। HPV गंदगी से नहीं, बल्कि स्किन-टू-स्किन सेक्शुअल कॉन्टैक्ट से फैलता है। कंडोम से जोखिम कम जरूर होता है, लेकिन 100 प्रतिशत सुरक्षा नहीं मिलती।
अगर किसी ने कम उम्र में टीका नहीं लगवाया है, तो 26 साल तक कैच-अप वैक्सीनेशन की सलाह दी जाती है। कुछ मामलों में डॉक्टर की सलाह से 45 साल तक भी वैक्सीन लगवाई जा सकती है।
डॉक्टर स्पष्ट करते हैं कि HPV वैक्सीन का फर्टिलिटी या हार्मोन पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ता। उल्टा, यह कैंसर से बचाव कर भविष्य की रिप्रोडक्टिव हेल्थ को सुरक्षित रखने में मदद करती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि HPV को लेकर जागरूकता और समय पर वैक्सीनेशन कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से बचाव की सबसे मजबूत कड़ी है।