पसीने से भीगे कपड़े तुरंत बदल दें, पर्याप्त पानी लें, दिनचर्या की कुछ आदतें जो बदल देंगी जीवन
आहार में हरी सब्जियां, मौसमी फल, दालें, दूध, दही और सूखे मेवे शामिल करें। पर्याप्त मात्रा में पानी पिलाएं। बच्चों को बाहर की खुली और अस्वच्छ जगहों पर मिलने वाले खाद्य पदार्थों से दूर रखें।
Publish Date: Sat, 24 Oct 2026 01:25:24 PM (IST)Updated Date: Sat, 24 Oct 2026 01:38:25 PM (IST)
लाइफस्टाइल से जुड़ी बातें।HighLights
- ठंड बढ़ने पर हमेशा हल्के गर्म कपड़ों का इस्तेमाल करें।
- खांसते या छींकते समय मुंह, नाक ढकने का काम करें।
- बच्चों को बहुत कपड़े पहनाकर गर्मी से परेशान न होने दें।
लाइफस्टाइल डेस्क। बदलते मौसम में बच्चों को सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार और गले में खराश जैसी समस्याएं होने का खतरा बढ़ जाता है। तापमान में उतार-चढ़ाव और वातावरण में मौजूद वायरस बच्चों को जल्दी प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे में माता-पिता को बच्चों के खानपान, साफ-सफाई और दिनचर्या पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। बच्चों को पौष्टिक और संतुलित भोजन देना चाहिए।
उनके आहार में हरी सब्जियां, मौसमी फल, दालें, दूध, दही और सूखे मेवे शामिल करें। पर्याप्त मात्रा में पानी पिलाएं। बच्चों को बाहर की खुली और अस्वच्छ जगहों पर मिलने वाले खाद्य पदार्थों से दूर रखें। सुबह और शाम के तापमान में अंतर होने के कारण बच्चों को मौसम के अनुसार कपड़े पहनाएं।
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- ठंड बढ़ने पर हल्के गर्म कपड़ों का इस्तेमाल करें। पसीने से भीगे कपड़े तुरंत बदल दें।
- बच्चों को बहुत अधिक कपड़े पहनाकर गर्मी से परेशान भी न होने दें।
- बच्चों को खाना खाने से पहले और शौचालय के बाद साबुन से हाथ धोने की आदत डालें।
- खांसते या छींकते समय मुंह और नाक ढकने के लिए प्रेरित करें।
- उनकी उम्र के अनुसार पर्याप्त नींद और नियमित शारीरिक गतिविधि भी जरूरी है।
- यदि बच्चे को लगातार बुखार, सांस लेने में परेशानी, अत्यधिक सुस्ती या पानी की कमी के लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डाॅक्टर से संपर्क करें।
- डाॅ. राकेश गुलानी, शिशु रोग विशेषज्ञ का कहना है कि बिना चिकित्सकीय सलाह के बच्चों को एंटीबायोटिक या अन्य दवाएं न दें।
- विशेषज्ञों के अनुसार, संतुलित आहार, स्वच्छता, पर्याप्त नींद और समय पर टीकाकरण से बच्चों को मौसमी बीमारियों से बचाने में मदद मिलती है।
- थोड़ी सी सावधानी बच्चों को स्वस्थ और सक्रिय बनाए रख सकती है।