बच्चों में 4 गुना बढ़ा मोटापा; WHO ने जारी की नई गाइडलाइन्स, 9 साल से कम उम्र में दवाओं और सर्जरी पर सख्त पाबंदी
WHO ने बच्चों और किशोरों में बढ़ते मोटापे को नियंत्रित करने के लिए पहली बार व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। 1990 के बाद से बच्चों में मोटापे की समस्...और पढ़ें
Publish Date: Wed, 14 Oct 2026 02:01:16 PM (IST)Updated Date: Wed, 14 Oct 2026 02:01:16 PM (IST)
HighLights
- 1990 के बाद से बच्चों में 4 गुना से ज्यादा बढ़ा मोटापा
- WHO ने जारी किए चाइल्ड ओबेसिटी मैनेजमेंट गाइडलाइन्स
- 9 साल से छोटे बच्चों के लिए दवाओं/सर्जरी पर सख्त रोक
धर्म डेस्क। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) ने बच्चों और किशोरों में तेजी से बढ़ते मोटापे (Obesity) के सही प्रबंधन और रोकथाम के लिए इतिहास में पहली बार व्यापक वैश्विक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। WHO के अनुसार, साल 1990 के बाद से बच्चों और किशोरों में मोटापे की दर 2% से बढ़कर 8% (4 गुना) हो गई है।
ताजा आंकड़ों (2024) के मुताबिक, दुनिया भर में 17 करोड़ बच्चे और किशोर (5 से 19 साल) मोटापे की गिरफ्त में हैं। इनमें से 7 करोड़ बच्चे (5 से 9 साल) तथा 10 करोड़ किशोर (10 से 19 साल) शामिल हैं।
मोटापे को लंबे समय तक रहने वाली क्रॉनिक बीमारी मानते हुए WHO ने इसके इलाज के लिए 'लाइफ-कोर्स अप्रोच' (जीवन भर चलने वाली देखभाल प्रक्रिया) अपनाने की सलाह दी है।
WHO की प्रमुख गाइडलाइन्स एवं डॉक्टरी परामर्श
- 0-9 साल के बच्चों के लिए सख्त पाबंदी: 9 साल तक के बच्चों में वजन घटाने वाली दवाओं (Weight Loss Drugs), बेरिएट्रिक सर्जरी या वजन घटाने वाले किसी भी मेडिकल डिवाइस के इस्तेमाल को पूरी तरह गलत माना गया है।
- 10-19 साल के किशोरों के लिए नियम: इस उम्र के किशोरों में केवल गंभीर मोटापे की स्थिति और विशेष चिकित्सकीय स्थितियों में ही मंजूरी प्राप्त दवाओं या बेरिएट्रिक सर्जरी पर विचार किया जा सकता है—वह भी तब, जब जीवनशैली सुधार (आहार और व्यायाम) के सभी उपाय पूरी तरह विफल हो चुके हों।
व्यक्ति-केंद्रित देखभाल: मोटापे के प्रबंधन का उद्देश्य केवल वजन घटाना नहीं, बल्कि बच्चे की संपूर्ण शारीरिक और मानसिक सेहत और तनाव मुक्त जीवन सुनिश्चित करना होना चाहिए। मानसिक सेहत और मोटापे का गहरा सम्बंध
WHO के अनुसार, बच्चों में मोटापा केवल गलत खानपान से ही नहीं, बल्कि कई मानसिक और भावनात्मक कारणों से भी बढ़ता है-
मुख्य कारण-
- एंग्जाइटी (चिंता)
- डिप्रेशन (अवसाद)
- कम आत्मविश्वास (Low Self-Esteem)
- भावनाओं को अनियंत्रित करना
- सामाज से दूरी बनाना
भविष्य के स्वास्थ्य जोखिम
बचपन में मोटापे को न नियंत्रित करने पर आगे चलकर हो सकती है-
- टाइप-2 डायबिटीज (Type-2 Diabetes),
- हृदय रोग (Heart Disease)
- हाई बीपी जैसी गैर-संक्रामक (Non-Communicable) गंभीर बीमारियां
माता-पिता और बच्चों के लिए जरूरी हेल्थ टिप्स
- फास्ट फूड, पैक्ड जंक फूड और शुगर वाले पेय पदार्थों से दूर रखें। खानपान में हरी सब्जियां, फल, अंकुरित अनाज और फाइबर शामिल करें।
- बच्चों को प्रतिदिन कम से कम 1 घंटे मैदानी खेल, व्यायाम या योग के लिए प्रेरित करें। टीवी/मोबाइल स्क्रीन टाइम कम करें।
- बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास के लिए 8 घंटे की नींद और दिनभर पर्याप्त पानी पीना आवश्यक है।
- बच्चों के वजन को लेकर उन्हें शर्मिंदा (Weight Shaming) करने के बजाय घर में सकारात्मक और तनावमुक्त माहौल बनाएं और उनकी काउंसलिंग कराएं।
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