
लाइफस्टाइल डेस्क। डेंगू से बचाव ही सबसे बड़ा इलाज, लक्षणों को समय पर पहचानें और सावधानी जरूरी है। मौसम में बदलाव के साथ ही डेंगू का खतरा बढ़ जाता है। डेंगू एडीज मच्छर के काटने से होता है, जो दिन में काटता है। इसके मुख्य लक्षण हैं, तेज बुखार जो 102 से 104 डिग्री तक पहुंच जाता है, सिर में तेज दर्द, आंखों के पीछे दर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में असहनीय दर्द, जी मिचलाना, उल्टी आना और भूख न लगना।
शरीर पर लाल चकत्ते या रैशेज आना व प्लेटलेट्स का तेजी से कम होना शामिल है। अगर बुखार के साथ नाक या मसूड़ों से खून आए, पेट में तेज दर्द हो तो यह गंभीर डेंगू का संकेत है, तुरंत अस्पताल पहुंचें। घर के आसपास पानी जमा न होने दें। पूरी बाजू के कपड़े पहनें, बच्चों को मच्छरदानी में सुलाएं।
दिन में भी मच्छर भगाने वाली क्रीम या स्प्रे का उपयोग करें। बुखार आने पर खुद से दवा न लें, तुरंत डाक्टर से संपर्क करें। साफ-सफाई और जागरूकता से ही डेंगू को हराया जा सकता है।
.jpg)
साथ ही डेंगू यदि हो भी जाए तो शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) न होने दें। वैसे डेंगू के खतरे को कम करने का सबसे अच्छा तरीका है मच्छरों के काटने से खुद को बचाना।
यह भी महत्वपूर्ण है कि डेंगू संक्रमण से कोई लक्षण नहीं दिख सकते हैं, हल्के लक्षण हो सकते हैं या बहुत गंभीर लक्षण हो सकते हैं। जनरल फिजिशियन, Dr. D अग्रवाल के अनुसार मच्छर के काटने के चार से दस दिन बाद शुरुआती लक्षण दिखने लगते हैं।
बारिश में बढ़ता है डेंगू, मलेरिया का खतरा, इन बीमारियों से बचाव के लिए करें ये उपाय