
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। बारिश का मौसम जहां गर्मी से राहत देता है, वहीं कई संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ा देता है। इनमें डेंगू और मलेरिया सबसे प्रमुख हैं। जलभराव और घरों के आसपास जमा साफ या गंदा पानी मच्छरों के पनपने के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करता है, जिससे इन बीमारियों के मामले तेजी से बढ़ने लगते हैं।
यह कहना है गहन चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. निखिलेश जैन का। उन्होंने बताया कि डेंगू एडीज एजिप्टी मच्छर के काटने से फैलता है। यह मच्छर आमतौर पर दिन के समय काटता है और साफ पानी में पनपता है। दूसरी ओर, मलेरिया एनोफिलीज मच्छर के जरिए फैलता है, जो अधिकतर शाम और रात के समय सक्रिय रहता है। मलेरिया का कारण प्लाज्मोडियम नामक परजीवी होता है, जो संक्रमित मच्छर के काटने से शरीर में पहुंचता है।
डेंगू के प्रमुख लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, शरीर और जोड़ों में तेज दर्द, त्वचा पर चकत्ते तथा कमजोरी शामिल हैं। गंभीर स्थिति में प्लेटलेट्स कम होने लगती हैं। वहीं मलेरिया में तेज बुखार के साथ ठंड लगना, कंपकंपी, पसीना आना, सिरदर्द, उल्टी और अत्यधिक थकान महसूस होना आम लक्षण हैं।
इन बीमारियों से बचाव के लिए सबसे जरूरी है कि घर और आसपास पानी जमा न होने दें। कूलर, टंकी, गमले और पुराने टायरों में जमा पानी नियमित रूप से बदलें। पूरी बांह के कपड़े पहनें और मच्छरदानी या मच्छररोधी क्रीम का उपयोग करें। खिड़कियों और दरवाजों पर जाली लगाना भी लाभदायक है। यदि तेज बुखार या अन्य लक्षण दिखाई दें तो स्वयं दवा लेने के बजाय विशेषज्ञ से परामर्श लें। डेंगू और मलेरिया का समय पर पता चल जाए तो इनका सफल उपचार संभव है।