
नईदुनिया प्रतिनिधि इंदौर। दीपावली पर घर को रोशन करने की तैयारी हो और बाजार में रंग-बिरंगी लाइटों की जगमगाहट न हो, ऐसा कैसे हो सकता है। हालांकि इस बार घरों को सजाने का अंदाज कुछ बदला हुआ है। अब सिर्फ दरवाजों और बालकनी पर लटकने वाली साधारण लड़ियां ही लोगों की पसंद नहीं हैं।
अब फूलों के आकार वाली लाइट, हवा में उड़ती तितलियों का एहसास कराने वाली मूविंग लाइट, आतिशबाजी जैसा इफेक्ट देने वाली स्टारबर्स्ट लाइट और बिना तार के चलने वाले सोलर लैंप भी सजावट का हिस्सा बन रहे हैं।
लोग ऐसी लाइट्स पसंद कर रहे हैं, जो दिन में घर की सजावट का हिस्सा दिखें और रात होते ही रोशनी बिखेरने लगें। वार्म व्हाइट, गोल्डन और पिंक रंगों की रोशनी से घर को सादगी के साथ आकर्षक लुक देने का चलन भी बढ़ रहा है।
इस बार सजावट में लाइट के रंग के साथ उसका आकार और इस्तेमाल करने का तरीका भी खास हो गया है। खिड़कियों और बालकनी को सजाने के लिए पर्दे की तरह लटकने वाली कर्टेन लाइट्स पसंद की जा रही हैं। इनमें दीये और सितारों के आकार वाली लाइट्स शामिल हैं।
इन्हें लगाने के बाद पूरी खिड़की रोशनी के पर्दे जैसी दिखाई देती है। वहीं दीवारों और इनडोर पौधों को सजाने के लिए तितली और पत्तियों के आकार वाली लाइट्स का विकल्प भी है। इनकी खासियत यह है कि ये सामान्य लड़ियों की तरह केवल एक सीधी लाइन में नहीं दिखतीं, बल्कि सजावट को एक अलग थीम देती हैं।
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सजावट के साथ सुविधा को भी ध्यान में रखा जा रहा है। पहले छोटी फेरी लाइट्स बैटरी से चलती थीं, जिन्हें बोतल, कांच के जार या छोटे डेकोरेशन पीस में लगाकर इस्तेमाल किया जाता था। अब इनका यूएसबी वाला विकल्प भी बाजार में आ गया है। दुकानदार अविनाश पंजाबी बताते हैं कि यूएसबी फेरी लाइट करीब 10 मीटर यानी 30 फीट लंबाई में उपलब्ध है। इसे मोबाइल के अडैप्टर से जोड़कर चलाया जा सकता है। पहले सेल वाली फेरी लाइट सामान्य तौर पर करीब दो मीटर यानी छह से सात फीट लंबी मिलती थी। नई लंबाई वाली लाइट को टेबल, टीवी यूनिट के पीछे, दीवारों और घर के अलग-अलग कोनों में अपनी सुविधा के अनुसार लगाया जा सकता है। इसमें बार-बार सेल बदलने की जरूरत भी नहीं पड़ती।
पारंपरिक सजावट को आधुनिक अंदाज में अपनाने के लिए पानी से जलने वाले सेंसर आधारित एलईडी दीये भी एक विकल्प हैं। इन्हें पानी से भरी उरली में फूलों के साथ सजाया जा सकता है। वहीं डाइनिंग टेबल और घर के कोनों के लिए रिचार्जेबल टच कंट्रोल लैंप्स इस्तेमाल किए जा सकते हैं। बालकनी की रेलिंग पर लगाने के लिए फूलों और पत्तियों वाली एलईडी बेल भी उपलब्ध है। इसके अलावा हमिंगबर्ड यानी गुंजन पक्षी के आकार वाली रंगीन लाइट्स लटकाकर गार्डन और खुले स्थानों को सजाया जा सकता है।
दुकानदार रोहन पाटिल बताते हैं कि इस बार एस्थेटिक, आकार आधारित और स्मार्ट एलईडी लाइट्स की ओर लोगों का रुझान है। पहले जहां साधारण रंग-बिरंगी लड़ियां सजावट का मुख्य हिस्सा होती थीं, वहीं अब लोग अपनी जगह और सजावट की थीम के हिसाब से लाइट चुन रहे हैं। वार्म व्हाइट और गोल्डन रोशनी के साथ पिंक रंग का संयोजन भी पसंद किया जा रहा है। यानी इस दीपावली घर को रोशन करने के लिए सिर्फ लाइट लगाना ही काफी नहीं, उसे किस अंदाज में सजाया जा रहा है, यह भी उतना ही मायने रखता है।