
लाइफस्टाइल डेस्क। जोड़ों और खासकर घुटने के दर्द को कभी भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए क्योंकि यह आगे चलकर गंभीर अर्थराइटिस (गठिया) या कार्टिलेज क्षति का रूप ले सकता है।
घुटने के दर्द को अनदेखा करने के अपने नुकसान हैं। शुरुआती दर्द को नजरअंदाज करने से हड्डियों के बीच की चिकनाई कम होती है और घिसाव बढ़ता है।
जोड़ में फ्लूड (पानी) जमा होने से सूजन और चलने-फिरने में परेशानी बढ़ सकती है। पैर कमजोर होने से गिरने या चोट लगने का खतरा बढ़ जाता है।
यदि दर्द लगातार 3 से 5 दिनों से अधिक समय तक बना रहे, घुटने में तेज सूजन हो या वजन उठाने में असमर्थता हो और जोड़ मोड़ने या सीधा करने में पूरी तरह असमर्थता हो तो चिकित्सकीय सलाह जरूरी हो जाती है।

घुटनों में लगातार दर्द रहता और उठते-बैठते आवाज आती है, यहां देखें इलाज के तरीके और हर सवाल के जवाब
बचाव व राहत के लिए जरूरी है कि वजन को नियंत्रित रखें, अतिरिक्त वजन घुटनों पर दबाव बढ़ाता है। डॉ. केके पांडे, ऑर्थोपेडिक सर्जन कहते हैं कि गलत दवा से बचें, बिना डॉक्टर की सलाह के लगातार दर्द निवारक गोलियां न लें।
घुटने के गंभीर दर्द को पूरी तरह खत्म करने के लिए इसके मूल कारण (जैसे गठिया, चोट या घिसाव) की पहचान और डाक्टर की सलाह से इलाज जरूरी है।
हालांकि जीवनशैली में बदलाव और कुछ उपायों से इससे राहत पाई जा सकती है। केवल कुछ खाने से घुटनों का दर्द पूरी तरह खत्म नहीं होता है, लेकिन सही और पौष्टिक आहार लेने से सूजन और दर्द में काफी आराम मिल सकता है।