
लाइफस्टाइल डेस्क। पेशाब में जलन, बार-बार पेशाब आना, धार कमजोर होना या पेशाब करने में परेशानी होना मूत्र संबंधी बीमारी के संकेत हो सकते हैं। कई लोग इन लक्षणों को उम्र बढ़ने या सामान्य समस्या मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि समय पर जांच कराने से बीमारी का पता लगाया जा सकता है।
पेशाब में जलन का कारण संक्रमण, पथरी या अन्य समस्याएं हो सकती हैं। वहीं, पुरुषों में बढ़ती उम्र के साथ प्रोस्टेट ग्रंथि बढ़ने से पेशाब करने में दिक्कत हो सकती है।
पर्याप्त पानी पीना, पेशाब को लंबे समय तक न रोकना और साफ-सफाई का ध्यान रखना जरूरी है। हालांकि, हर समस्या का कारण अलग हो सकता है, इसलिए खुद के स्तर पर दवा लेने से बचना चाहिए।
डाॅ. अमित जैन, यूरोलाजिस्ट, हमीदिया अस्पताल का कहना है कि यदि पेशाब में खून आए, तेज दर्द हो, बुखार के साथ जलन हो या पेशाब पूरी तरह बंद हो जाए, तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें। नियमित जांच और सही उपचार से मूत्र संबंधी कई समस्याओं को गंभीर होने से रोका जा सकता है।
पेशाब में जलन के लिए घरेलू नुस्खे आजमाएं, तुरंत राहत पाएं

पानी की कमी से यूरिन में जलन और दर्द बढ़ जाता है।
रोजाना 8-10 गिलास पानी पिएं।
पानी शरीर के टॉक्सिंस को बाहर निकालता है।
इंफेक्शन के बैक्टीरिया को मूत्र के जरिए बाहर करता है।
ब्लैडर साफ रहता है, जिससे दर्द में राहत मिलती है।
गंदे टॉयलेट या पब्लिक वॉशरूम में पेशाब करने से संक्रमण का खतरा बढ़ता है।
हर बार पेशाब के बाद प्राइवेट पार्ट की सफाई करें।
महिला और पुरुष दोनों के लिए जरूरी।
पब्लिक टॉयलेट में सेनेटाइजर स्प्रे या टॉयलेट सीट कवर का इस्तेमाल करें।
बार-बार पेशाब करने से संक्रमण का खतरा घटता है।
पेशाब रोकने से बैक्टीरिया बढ़ते हैं और जलन बढ़ सकती है।
पानी ज्यादा पीने से मूत्र बार-बार आता है, जो शरीर के लिए फायदेमंद है।
तीखा, मसालेदार या प्रिजर्व्ड फूड से परहेज करें।
हल्का, सादा और फाइबर युक्त खाना अपनाएं।
ज्यादा मिर्च और तेल वाले भोजन से पेशाब में जलन बढ़ सकती है।
दही, नारियल पानी, खीरा आदि का सेवन करें, ये मूत्र मार्ग को ठंडक देते हैं।
