
लाइफस्टाइस डेस्क। सर्दियों में धूप अच्छी लगती है। लोग अक्सर सुबह की धूप सेंकने के लिए घंटों बाहर बैठते हैं, लेकिन इसी दौरान स्किन केयर की एक जरूरी चीज भूल जाते हैं- सनस्क्रीन। कई लोगों को लगता है कि सनस्क्रीन की जरूरत सिर्फ गर्मियों में होती है, क्योंकि सर्दियों में धूप तेज नहीं होती और पसीना भी कम आता है। लेकिन स्किन को नुकसान पहुंचाने वाली अल्ट्रावायलेट (UV) किरणें सिर्फ गर्मियों में नहीं आतीं। सर्दियों में भी इनका असर स्किन पर पड़ सकता है।
इसलिए मौसम ठंडा हो या गर्म, बाहर निकलते समय स्किन को धूप से बचाना जरूरी है।
धूप में मौजूद UV किरणें मुख्य रूप से दो तरह की होती हैं- UVA और UVB। UVB किरणें स्किन को झुलसा सकती हैं, जबकि UVA किरणें स्किन की समय से पहले उम्र बढ़ने, झुर्रियों और दाग-धब्बों से जुड़ी होती हैं। UVA किरणें बादलों के बीच से भी गुजर सकती हैं। इसलिए आसमान में बादल होने या धूप हल्की लगने का मतलब यह नहीं है कि स्किन पूरी तरह सुरक्षित है।
अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी के मुताबिक, बादलों के बीच से भी 80 प्रतिशत तक हानिकारक UV किरणें जमीन तक पहुंच सकती हैं। लगातार बिना सुरक्षा धूप में रहने से स्किन को नुकसान पहुंच सकता है।
सर्दियों में भी ऐसी सनस्क्रीन चुनें जो UVA और UVB दोनों से सुरक्षा दे। इसके लिए पैक पर ब्रॉड स्पेक्ट्रम और SPF 30 या उससे ज्यादा लिखा होना चाहिए।
अगर आपकी स्किन रूखी रहती है, तो क्रीम बेस्ड सनस्क्रीन बेहतर महसूस हो सकती है। वहीं तैलीय स्किन वाले लोग हल्की जेल या फ्लूइड बेस्ड सनस्क्रीन चुन सकते हैं। अपनी स्किन के अनुसार उत्पाद चुनना जरूरी है।
सनस्क्रीन घर से निकलने से करीब 15 मिनट पहले लगाएं। सिर्फ चेहरे पर ही नहीं, बल्कि गर्दन, कान और हाथों पर भी लगाएं। अगर आप बाहर हैं, तो लगभग हर दो घंटे में दोबारा लगाएं। पसीना आने या चेहरा धोने के बाद भी इसे फिर से लगाना जरूरी है।
सर्दियों में मॉइस्चराइजर के साथ सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना भी स्किन की देखभाल का अच्छा तरीका है। याद रखें, सनस्क्रीन सिर्फ टैनिंग से बचने के लिए नहीं, बल्कि लंबे समय तक स्किन को UV किरणों से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए भी जरूरी है।
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