
हेल्थ डेस्क, नई दिल्ली। नेल पॉलिश महिलाओं के मेकअप रूटीन का आम हिस्सा है। नाखूनों को खूबसूरत दिखाने वाली नेल पॉलिश को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह के दावे भी किए जाते हैं। इनमें सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि क्या नेल पॉलिश में मौजूद केमिकल्स कैंसर का खतरा बढ़ा सकते हैं?
स्पेशलिस्ट के मुताबिक, नेल पॉलिश को अपने आप में कार्सिनोजेनिक यानी कैंसर पैदा करने वाला पदार्थ नहीं माना जाता, लेकिन कुछ नेल पॉलिश फॉर्मूले में ऐसे केमिकल हो सकते हैं, जिनके लंबे समय तक और ज्यादा संपर्क में आने से स्वास्थ्य संबंधी जोखिम हो सकते हैं। इस वजह से डॉक्टर्स नेल पॉलिश में इस्तेमाल होने वाले कुछ केमिकल्स को लेकर सावधानी बरतने की सलाह देते हैं।
डॉक्टर के मुताबिक, पारंपरिक नेल पॉलिश में कुछ ऐसे केमिकल इस्तेमाल किए जाते रहे हैं, जिनके लगातार संपर्क को लेकर स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं हैं। इनमें शामिल हैं-
इनमें फॉर्मल्डिहाइड खास तौर पर चर्चा में रहता है। WHO की इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर (IARC) ने इसे इंसानों के लिए Group 1 carcinogen के रूप में क्लासिफाई किया है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि कभी-कभार नेल पॉलिश लगाने से कैंसर हो जाएगा। जोखिम का आकलन इस बात पर भी निर्भर करता है कि किसी व्यक्ति का किसी केमिकल से कितना और कितने लंबे समय तक संपर्क होता है।
डॉक्टर के मुताबिक, जो व्यक्ति कभी-कभार नेल पॉलिश लगाता है, उसका एक्सपोजर उन लोगों की तुलना में कम हो सकता है जो रोजाना इन उत्पादों के संपर्क में रहते हैं।
खास तौर पर नेल सैलून में काम करने वाले कर्मचारियों को लंबे समय तक अलग-अलग केमिकलों के संपर्क में रहना पड़ सकता है। इसलिए उनके लिए वेंटिलेशन और केमिकल एक्सपोजर को कम करना ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाता है।
जेल मैनीक्योर के दौरान नाखूनों को सुखाने और सेट करने के लिए UV या LED लैंप का इस्तेमाल किया जाता है।
2023 की एक स्टडी के मुताबिक, लैबोरेटरी लेवल्स पर UV एक्सपोजर से DNA को नुकसान पहुंचने की संभावना सामने आई है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इससे इंसानों में स्किन कैंसर होने का सीधा प्रमाण अभी उपलब्ध नहीं है और इस विषय पर रिसर्च जारी है। इसलिए सिर्फ इसी आधार पर जेल मैनीक्योर को कैंसर का कारण मानना सही नहीं होगा।
अगर जेल मैनीक्योर कराया जा रहा है तो UV लैंप से होने वाले एक्सपोजर को कम करने के लिए हाथों पर सनस्क्रीन लगाने की सलाह दी जाती है। सैलून में इस्तेमाल होने वाले नेल प्रोडक्ट की ingredient list देखने में भी झिझकना नहीं चाहिए।
नेल पॉलिश को लेकर कैंसर का डर पैदा करने वाले दावों को बिना जांचे मान लेना सही नहीं है। नेल पॉलिश खुद कार्सिनोजेनिक घोषित नहीं है, लेकिन कुछ केमिकलों के लंबे समय तक संपर्क से बचना और इस्तेमाल से पहले सामग्री की जानकारी रखना एक सावधानी भरा कदम हो सकता है।
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