
हेल्थ डेस्क। कुछ लोगों का मानना है कि सुबह सिगरेट पीने से पेट जल्दी साफ होता है और मल त्याग आसानी से हो जाता है। कई धूम्रपान करने वाले लोग चाय के साथ सिगरेट पीने को अपनी सुबह की दिनचर्या का हिस्सा भी बना लेते हैं। उन्हें लगता है कि इससे बाउल मूवमेंट बेहतर होता है। लेकिन क्या वाकई सिगरेट पाचन तंत्र के लिए फायदेमंद है? विज्ञान इस धारणा की पुष्टि नहीं करता। दरअसल, इसके पीछे निकोटीन का शरीर पर पड़ने वाला अस्थायी असर हो सकता है।
सिगरेट में मौजूद निकोटीन एक Active Chemical है, जो शरीर के नर्वस सिस्टम को प्रभावित करता है। यह निकोटिनिक एसिटाइलकोलाइन रिसेप्टर्स पर काम करता है और शरीर में कई तरह की प्रतिक्रियाएं पैदा कर सकता है। इसका असर पाचन तंत्र पर भी पड़ता है।
निकोटीन कुछ लोगों में इंटेस्टाइन की मांसपेशियों की गतिविधि और गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल मूवमेंट को प्रभावित कर सकता है। इससे बड़ी आंत में संकुचन और मल आगे बढ़ने की प्रक्रिया में बदलाव आ सकता है। इसी वजह से कुछ लोगों को सिगरेट पीने के तुरंत बाद शौच जाने की इच्छा महसूस होती है।
हालांकि, यह असर हर व्यक्ति में एक जैसा नहीं होता। सिगरेट पीने के बाद टॉयलेट जाने की इच्छा होना इस बात का प्रमाण नहीं है कि शरीर का एक्सक्रेटरी सिस्टम बेहतर काम कर रहा है।
इसका जवाब है- नहीं। सिगरेट को कब्ज या अनियमित बाउल मूवमेंट का इलाज नहीं माना जाता। निकोटीन का असर अस्थायी हो सकता है, जबकि धूम्रपान से हृदय, फेफड़ों और पाचन तंत्र को नुकसान पहुंचने का खतरा रहता है।
धूम्रपान का संबंध गैस्ट्रोइसोफेगल रिफ्लक्स (GERD), पेप्टिक अल्सर और इंटेस्टाइन की कुछ बीमारियों के जोखिम से भी जोड़ा गया है। यानी जिस आदत को कुछ लोग पेट साफ करने का तरीका समझते हैं, वह लंबे समय में स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह हो सकती है।
अगर सुबह नियमित रूप से पेट साफ नहीं होता या कब्ज की समस्या रहती है, तो सिगरेट का सहारा लेने के बजाय कुछ स्वस्थ आदतें अपनानी चाहिए।
अगर कब्ज लंबे समय तक बनी रहती है, मल में खून आता है, पेट में तेज दर्द होता है या बिना वजह वजन कम हो रहा है, तो डॉक्टर से सलाह लें।
याद रखें, सिगरेट पीने के बाद पेट साफ होने का अनुभव मिलना और पाचन तंत्र का स्वस्थ होना दो अलग बातें हैं। निकोटीन से मिलने वाली अस्थायी प्रतिक्रिया को शरीर के लिए फायदे का संकेत समझना एक बड़ी गलतफहमी है।
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