
हेल्थ डेस्क। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में रोजाना aspirin लेने की अपनी आदत के बारे में बात की। उन्होंने कहा कि वह लंबे समय से हर दिन aspirin लेते आ रहे हैं और इसे लेकर उन्हें मनोवैज्ञानिक रूप से भी भरोसा महसूस होता है। उन्होंने यह भी बताया कि वह कम डोज के बजाय ज्यादा डोज वाली aspirin लेते हैं, जबकि उनके डॉक्टरों ने कम डोज लेने की सलाह दी है।
ट्रंप ने aspirin को लेकर कहा कि यह खून को “पतला” करती है और वह इसे लंबे समय से लेते आ रहे हैं। हालांकि, मेडिकल भाषा में aspirin सीधे खून को पतला नहीं करती। यह प्लेटलेट्स को आपस में चिपककर ब्लड क्लॉट बनाने से रोकने की क्षमता को कम करती है।
यही असर कुछ मरीजों में हार्ट अटैक और स्ट्रोक के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है, लेकिन दूसरी तरफ ब्लीडिंग का खतरा भी बढ़ा सकता है। इसलिए रोज aspirin लेना हर व्यक्ति के लिए फायदेमंद नहीं माना जाता।
पहले हो चुके हार्ट अटैक या कुछ स्ट्रोक का जोखिम कम करने में मदद- Aspirin प्लेटलेट्स की क्लॉट बनाने की क्षमता को कम करती है। इससे उन लोगों में दोबारा ब्लड क्लॉट बनने का खतरा कम हो सकता है, जिन्हें पहले हार्ट अटैक हो चुका है या कुछ खास प्रकार के स्ट्रोक और कार्डियोवस्कुलर डिजीज का इतिहास है।
कुछ मरीजों को कोरोनरी स्टेंट जैसी प्रक्रिया के बाद भी डॉक्टर aspirin लेने की सलाह दे सकते हैं। लेकिन यह फैसला मरीज की पूरी medical history और दूसरी दवाओं के आधार पर किया जाता है।
ब्लीडिंग का खतरा बढ़ सकता है
Aspirin क्लॉट बनने की प्रक्रिया को प्रभावित करती है। यही वजह है कि इसका एक बड़ा साइड इफेक्ट ब्लीडिंग का बढ़ा हुआ जोखिम है। नियमित aspirin लेने वाले व्यक्ति को चोट लगने पर खून कुछ ज्यादा देर तक बह सकता है या शरीर पर bruises आसानी से पड़ सकते हैं।
कुछ मामलों में पेट या आंतों में अंदरूनी ब्लीडिंग हो सकती है। गंभीर और दुर्लभ स्थितियों में brain ब्लीडिंग का जोखिम भी बढ़ सकता है।
पेट में जलन और अल्सर का खतरा
Aspirin पेट की उस protective lining को प्रभावित कर सकती है जो digestive acid से पेट को बचाने में मदद करती है।
लंबे समय तक इस्तेमाल से कुछ लोगों में:
कुछ मामलों में अल्सर बन सकता है और उसमें ब्लीडिंग भी हो सकती है। काले, तारकोल जैसे मल या खून की उल्टी जैसी स्थिति गंभीर ब्लीडिंग का संकेत हो सकती है और तुरंत medical attention की जरूरत होती है।
कुछ समय पहले तक हार्ट अटैक से बचाव के लिए रोजाना aspirin लेने की सलाह ज्यादा आम थी। लेकिन बाद के शोध से पता चला कि जिन लोगों को पहले से कार्डियोवस्कुलर डिजीज नहीं है, उनमें aspirin से होने वाला संभावित फायदा कई बार बहुत कम हो सकता है, जबकि ब्लीडिंग का खतरा बना रहता है।
इसीलिए आज डॉक्टर किसी व्यक्ति की उम्र, कार्डियोवस्कुलर risk और ब्लीडिंग risk को देखकर तय करते हैं कि preventive aspirin की जरूरत है या नहीं।
उम्र बढ़ने के साथ ब्लीडिंग का जोखिम भी बढ़ता है। खासकर ऐसे बुजुर्ग लोगों में जिन्हें पहले हार्ट अटैक या स्ट्रोक नहीं हुआ है, केवल पहली कार्डियोवस्कुलर घटना को रोकने के लिए खुद से daily aspirin शुरू करना आमतौर पर उचित नहीं माना जाता।
इसका मतलब यह नहीं है कि हर उम्रदराज व्यक्ति को aspirin बंद कर देनी चाहिए। अगर किसी मरीज को डॉक्टर ने पहले से aspirin लेने के लिए कहा है, तो उसे अपने डॉक्टर से बात किए बिना दवा बंद नहीं करनी चाहिए।
Aspirin कई दूसरी दवाओं के साथ interact कर सकती है। खासकर ऐसी दवाएं जो ब्लीडिंग का खतरा बढ़ाती हैं, उनके साथ इसे लेने पर अतिरिक्त सावधानी की जरूरत होती है।
Ibuprofen और naproxen जैसी कुछ पेनकिलर्स के साथ aspirin लेने से पेट में irritation और ब्लीडिंग का खतरा बढ़ सकता है।
इसलिए जो व्यक्ति पहले से prescription medicines ले रहा है, उसे aspirin शुरू करने से पहले डॉक्टर या pharmacist को अपनी सभी दवाओं के बारे में बताना चाहिए।
कार्डियोवस्कुलर डिजीज से बचाव के लिए जब aspirin दी जाती है, तो आमतौर पर low-डोज aspirin का इस्तेमाल किया जाता है। अमेरिका में 81 mg को commonly used low डोज माना जाता है।
इससे ज्यादा डोज का मतलब यह नहीं है कि हार्ट प्रोटेक्शन भी ज्यादा होगी। Aspirin की डोज बीमारी, उम्र, दूसरे रिस्क फैक्टर्स और ब्लीडिंग risk के हिसाब से तय की जाती है।
इसलिए किसी दूसरे व्यक्ति की डोज देखकर अपनी डोज तय करना सुरक्षित नहीं है।
जिन लोगों को पहले हार्ट अटैक, कुछ खास प्रकार का स्ट्रोक या कोरोनरी स्टेंट जैसी कार्डियोवस्कुलर समस्या हो चुकी है, उन्हें डॉक्टर की सलाह पर नियमित aspirin दी जा सकती है।
लेकिन जिस व्यक्ति को कार्डियोवस्कुलर डिजीज का इतिहास नहीं है, उसके लिए सिर्फ हार्ट अटैक से बचने के लिए खुद से रोज aspirin शुरू करना सही नहीं माना जाता। ऐसे मामलों में संभावित कार्डियोवस्कुलर benefit और ब्लीडिंग risk का संतुलन देखा जाता है।
इसलिए डोनाल्ड ट्रंप का रोज aspirin लेने का व्यक्तिगत अनुभव दूसरे लोगों के लिए medical recommendation नहीं है।
सबसे जरूरी बात: अगर आप पहले से डॉक्टर की सलाह पर aspirin ले रहे हैं, तो इसे अचानक बंद या डोज में बदलाव न करें। किसी भी बदलाव से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लें।
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