
लाइफस्टाइल डेस्क। हाई ब्लड प्रेशर ऐसी समस्या है, जिसके शुरुआती लक्षण अक्सर दिखाई नहीं देते। कई बार व्यक्ति खुद को पूरी तरह स्वस्थ महसूस करता है, लेकिन उसका ब्लड प्रेशर लगातार बढ़ा रहता है। लंबे समय तक इसे नजरअंदाज करने से हृदय, किडनी और मस्तिष्क पर गंभीर असर पड़ सकता है।
इससे बचाव के लिए नियमित रूप से ब्लड प्रेशर की जांच कराना जरूरी है। भोजन में नमक की मात्रा कम रखें और अधिक तली-भुनी चीजों से परहेज करें।
रोजाना कम से कम 30 मिनट पैदल चलना या हल्का व्यायाम करना फायदेमंद है। वजन नियंत्रित रखें, पर्याप्त नींद लें और तनाव कम करने का प्रयास करें।
यदि फिर भी ब्लड प्रेशर बढ़ा हुआ आता है तो डाॅक्टर से परामर्श लें। बिना सलाह दवा शुरू या बंद न करें। नियमित जांच और सही जीवनशैली अपनाकर हाई ब्लड प्रेशर से होने वाली जटिलताओं का खतरा कम किया जा सकता है।

हाई ब्लड प्रेशर (हाई BP / हाइपरटेंशन) तब होता है जब आपकी आर्टरी की दीवारों पर खून का प्रेशर लगातार बहुत ज़्यादा रहता है। नॉर्मल ब्लड प्रेशर आमतौर पर 120/80 mm Hg होता है। हाई ब्लड प्रेशर को तब हाई माना जाता है जब सिस्टोलिक (ऊपर का) ब्लड प्रेशर 130 या उससे ज़्यादा हो और डायस्टोलिक (नीचे का) ब्लड प्रेशर 80 या उससे ज़्यादा हो।
शुरुआती स्टेज में, हाई ब्लड प्रेशर के कोई लक्षण नहीं होते (इसे 'साइलेंट किलर' कहा जाता है)। लेकिन अगर ब्लड प्रेशर बहुत ज़्यादा बढ़ जाए, तो ये लक्षण दिख सकते हैं:
• तेज़ सिरदर्द
• चक्कर आना
• सीने में दर्द
• सांस लेने में दिक्कत या सांस फूलना
• धुंधला दिखना
• जी मिचलाना या उल्टी
• खाने में ज़्यादा नमक (सोडियम) लेना
• सुस्त लाइफस्टाइल और एक्सरसाइज़ की कमी
• मोटापा या ज़्यादा वज़न
• स्ट्रेस
• स्मोकिंग और शराब
• जेनेटिक्स (हाई ब्लड प्रेशर की फैमिली हिस्ट्री)
• डाइट: खाने में नमक की मात्रा कम करें (हर दिन 5 ग्राम से कम) और पोटैशियम वाली चीज़ें (केला, दाल, नारियल पानी) खाएं।
• एक्सरसाइज़: रोज़ कम से कम 30 मिनट टहलें या हल्की एक्सरसाइज़ करें।
• लाइफस्टाइल: मेडिटेशन, प्राणायाम और योग करके स्ट्रेस-फ्री रहें।
• लत: स्मोकिंग और शराब से पूरी तरह बचें।
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