यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 22, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
High BP के मरीज हैं तो कड़ाके की सर्दी में रहें अलर्ट, हार्ट अटैक का रहता है खतरा
हाई बीपी या हाइपरटेंशन एक ऐसी बीमारी है, जिसके बारे में मरीज को देर से पता चलता है। कई बार ऐसा भी होता है कि
By Sandeep ChoureyEdited By: Sandeep Chourey
Publish Date: Wed, 22 Dec 2021 09:50:25 AM (IST)Updated Date: Wed, 22 Dec 2021 09:34:44 PM (IST)

सर्दियों में हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों को विशेष सावधानी रखने की जरूरत होती है क्योंकि थोड़ी सी लापरवाही में भी हाई अटैक का खतरा बढ़ जाता है। आजकल हर दूसरा व्यक्ति ब्लड प्रेशर की समस्या से जूझ रहा है और ऐसे में ठंड के मौसम में कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं। हाई ब्लड प्रेशर की भी एक ऐसी ही बीमारी है, जो ठंड के मौसम में शारीरिक जटिलताएं बढ़ा देता है।
सर्दी में बाधित होता है शरीर का रक्त संचार
चूंकि सर्दी के मौसम में शरीर का तापमान कम हो जाता है और इस कारण से रक्त का संचार भी बाधित होता है। शरीर को आवश्यक गर्मी नहीं मिल पाती है, जिससे हाई बीपी की स्थिति ज्यादा हो जाती है और कई बार स्थिति गंभीर अवस्था में भी पहुंच जाती है।
हाई बीपी के गंभीर लक्षण
हाई बीपी या हाइपरटेंशन एक ऐसी बीमारी है, जिसके बारे में मरीज को देर से पता चलता है। कई बार ऐसा भी होता है कि स्थिति गंभीर होने पर मरीज में इसके बारे में जानकारी मिलती है। हाई बीपी के मरीज में ये प्रमुख लक्षण दिखाई देते हैं -
- बहुत अधिक थकान
- तेज़ सिर दर्द
- चीजों को याद रखने में परेशानी
- नाक से खून बहना
- सांस लेने में तकलीफ
सर्दियों में ऐसे नियंत्रित रखें हाई ब्लड प्रेशर लेवल
सर्दी के मौसम में हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हो जाती है। आजकल कई युवा भी इस बीमारी से ग्रसित हो गए हैं। जीवनशैली में थोड़ा सा बदलाव करके इस समस्या को काबू में रखा जा सकता है। इसके लिए इन खास बातों का पालन जरूर करें -
- सर्दी के मौसम में अपना बीपी रोज चेक करें। डॉक्टर की सलाह का जरूर पालन करें।
- हेल्दी डाइट ही लें और खाने में फाइबर फूड ज्यादा लें। कम वसा युक्त भोजन का सेवन करें।
- नियमित रूप से व्यायाम करें और किसी विशेषज्ञ की देखरेख में ही वर्कआउट करें।
- नमक का सेवन हमेशा सीमित मात्रा में ही करें। आहार में नियमित रूप से साबुत अनाज, सूखे मेवे, मेवा, मछली का सेवन करें।