
लाइफस्टाइल डेस्क। दीवाली से पहले पार्लर में बुकिंग, नए स्किन केयर प्रोडक्ट्स की खरीदारी और घरेलू नुस्खों का इस्तेमाल बढ़ जाता है। आखिर त्योहारों के करीब आते ही लोग अपनी स्किन को लेकर अचानक इतने सतर्क क्यों हो जाते हैं? इसके पीछे खूबसूरत दिखने की चाहत के साथ सोशल मीडिया, सेल्फ-इमेज और खास मौकों पर अच्छा दिखने की मनोवैज्ञानिक वजहें भी हैं।
दीवाली का त्योहार नजदीक आते ही घरों की सफाई से लेकर कपड़ों की खरीदारी तक, तैयारियां शुरू हो जाती हैं। इसी बीच चेहरे पर ग्लो लाने की चिंता भी बढ़ने लगती है। कोई फेशियल कराने की योजना बनाता है, तो कोई नए सीरम, फेस मास्क और स्किन केयर प्रोडक्ट्स आजमाने लगता है। कई लोग तो त्योहार से कुछ दिन पहले ही अपनी पूरी स्किन केयर रूटीन बदल देते हैं।
लेकिन सवाल यह है कि रोजमर्रा की जिंदगी में स्किन की देखभाल करने वाले लोग भी दीवाली से पहले अचानक ज्यादा एक्टिव क्यों हो जाते हैं? क्या इसके पीछे सिर्फ खूबसूरत दिखने की चाहत है या त्योहारों का माहौल और मनोविज्ञान भी इसमें भूमिका निभाते हैं?
दीवाली सिर्फ रोशनी और मिठाइयों का त्योहार नहीं है, बल्कि इस दौरान परिवार, दोस्तों और रिश्तेदारों से मिलने-जुलने के मौके भी बढ़ जाते हैं। लोग नए कपड़े पहनते हैं, तस्वीरें खिंचवाते हैं और सोशल गैदरिंग में शामिल होते हैं। ऐसे में अपनी उपस्थिति को लेकर सतर्क होना स्वाभाविक है।
खास मौकों पर लोग चाहते हैं कि उनका चेहरा फ्रेश दिखे और स्किन पर थकान कम नजर आए। यही वजह है कि त्योहारों से पहले स्किन केयर पर खर्च और समय दोनों बढ़ सकते हैं।
इसके पीछे एक मनोवैज्ञानिक पहलू भी है। जब किसी खास दिन के लिए तैयार होने की योजना बनती है, तो लोग अपनी उन चीजों पर ज्यादा ध्यान देने लगते हैं जिन्हें वे बदल सकते हैं। स्किन की देखभाल भी इसी का हिस्सा बन जाती है।
इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर त्योहारों से पहले मेकअप लुक, ग्लास स्किन, फेस्टिव ग्लो और ब्यूटी रूटीन से जुड़े वीडियो खूब दिखाई देते हैं। इन वीडियो में अक्सर चमकदार स्किन और बेदाग चेहरे को आकर्षक लुक का हिस्सा बनाकर पेश किया जाता है।
ऐसे कंटेंट को बार-बार देखने से लोगों के मन में भी अपनी स्किन को उसी तरह बनाने की इच्छा पैदा हो सकती है। वे दूसरों की तस्वीरों और वीडियो से अपनी तुलना करने लगते हैं और चेहरे पर दिखने वाले दाग-धब्बों, मुंहासों या असमान रंगत को लेकर ज्यादा चिंतित हो सकते हैं।
अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी के अनुसार, सोशल मीडिया पर लोकप्रिय स्किन केयर ट्रेंड्स लोगों की स्किन की देखभाल की आदतों को प्रभावित करते हैं। हालांकि, हर ट्रेंड हर तरह की स्किन के लिए उपयुक्त नहीं होता। जरूरत से ज्यादा प्रोडक्ट्स इस्तेमाल करने से स्किन में जलन, रोमछिद्र बंद होने और मुंहासों जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।
इसलिए सोशल मीडिया पर दिखने वाले ग्लो को अपनी स्किन के लिए अनिवार्य मानना सही नहीं है। हर व्यक्ति की स्किन अलग होती है और उसकी जरूरतें भी अलग हो सकती हैं।
त्योहार नजदीक आते ही कई लोग ऐसे प्रोडक्ट्स खरीदने लगते हैं जिनसे कुछ ही दिनों में चेहरा चमकने की उम्मीद होती है। फेस सीरम, एक्सफोलिएटर, फेस मास्क और ब्राइटनिंग क्रीम इसी कोशिश का हिस्सा हो सकते हैं।
इसका एक कारण जल्द नतीजे पाने की इच्छा है। जब किसी खास दिन तक बेहतर दिखने का लक्ष्य होता है, तो लोग कम समय में ज्यादा बदलाव की उम्मीद करने लगते हैं। लेकिन स्किन में होने वाले बदलावों के लिए समय और नियमित देखभाल की जरूरत हो सकती है।
किसी नए प्रोडक्ट से हर व्यक्ति को एक जैसा परिणाम नहीं मिलता। खासकर त्योहार से ठीक पहले कई नए प्रोडक्ट्स एक साथ इस्तेमाल करना जोखिम भरा हो सकता है। कुछ एक्टिव इंग्रीडिएंट्स स्किन में जलन, लालिमा, रूखापन या मुंहासों की समस्या बढ़ा सकते हैं।
इसलिए स्किन केयर में ज्यादा प्रोडक्ट्स इस्तेमाल करना हमेशा बेहतर परिणाम की गारंटी नहीं देता।
त्योहारों की तैयारियों में घर की सफाई, खरीदारी, मेहमानों के स्वागत और ऑफिस के काम के बीच आराम के लिए कम समय बचता है। कई बार नींद का समय भी बदल जाता है। ऐसे में कुछ लोगों को चेहरा थका हुआ या स्किन रूखी महसूस हो सकती है।
स्किन का रूप केवल कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स पर निर्भर नहीं करता। नींद, धूप से बचाव, स्किन में नमी और रोजमर्रा की देखभाल भी महत्वपूर्ण हैं। हालांकि, चेहरे पर दिखने वाले हर बदलाव को तनाव या नींद की कमी से जोड़ना सही नहीं होगा। मुंहासों, लगातार रूखेपन या रंगत में बदलाव के पीछे दूसरी वजहें भी हो सकती हैं।
ऐसे में केवल फेशियल या महंगे प्रोडक्ट्स पर निर्भर रहने के बजाय अपनी दिनचर्या पर ध्यान देना भी जरूरी है।
त्योहार के दिन स्किन को स्वस्थ और फ्रेश बनाए रखने के लिए अचानक पूरी रूटीन बदलने की जरूरत नहीं है। कुछ बुनियादी आदतों पर ध्यान देना ज्यादा उपयोगी हो सकता है।
अगर स्किन पर लगातार जलन, सूजन, खुजली या गंभीर मुंहासे हो रहे हों, तो खुद से कई प्रोडक्ट्स आजमाने के बजाय स्किन विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है।
दीवाली से पहले स्किन केयर बढ़ने के पीछे खास मौकों पर अच्छा दिखने की इच्छा, सोशल मीडिया का प्रभाव और कम समय में बेहतर नतीजे पाने की उम्मीद जैसे कई कारण हो सकते हैं। त्योहारों के दौरान अपनी देखभाल करना गलत नहीं है, लेकिन चमकदार स्किन पाने के दबाव में जरूरत से ज्यादा प्रयोग करना नुकसान पहुंचा सकता है।
याद रखें कि स्वस्थ स्किन का मतलब पूरी तरह बेदाग या फिल्टर जैसी स्किन होना नहीं है। नियमित देखभाल, धूप से सुरक्षा और अपनी स्किन की जरूरतों को समझना किसी भी जल्दबाजी वाले ब्यूटी रूटीन से ज्यादा महत्वपूर्ण है।
यह भी पढ़ें- सिगरेट की तलब अचानक क्यों उठती है? जानिए दिमाग, निकोटीन और इस आदत का क्या है कनेक्शन