• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • Mutual Funds मास्टरी
  • होम
  • लाइफस्टाइल

Flag Hoisting vs Flag Unfurling: कैसे तय हुआ कौन फहराएगा झंडा, 15 अगस्त- 26 जनवरी में क्या है अंतर…जानिए पूरी डिटेल

15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस) को प्रधानमंत्री द्वारा 'ध्वजारोहण' (Flag Hoisting) किया जाता है, जबकि 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) को राष्ट्रपति द्वारा 'झंडा फह...और पढ़ें

By Akriti KumariEdited By: Akriti Kumari
Publish Date: Thu, 13 Aug 2026 12:28:08 PM (IST)Updated Date: Thu, 13 Aug 2026 12:28:08 PM (IST)
Flag Hoisting vs Flag Unfurling: कैसे तय हुआ कौन फहराएगा झंडा, 15 अगस्त- 26 जनवरी में क्या है अंतर…जानिए पूरी डिटेल
स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस के अवसर पर ध्वजारोहण (Flag Hoisting) और झंडा फहराने (Flag Unfurling) के बीच बड़ा अंतर है। (सोशल मीडिया)

लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। भारत हर साल दो बड़े राष्ट्रीय अवसर- 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस) और 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस)- को बड़े ही गर्व और उत्साह के साथ मनाता है। इन दोनों ही अवसरों पर देश का राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा लहराया जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन दोनों दिनों पर राष्ट्रीय ध्वज को फहराने का तरीका और प्रोसेस बिल्कुल अलग होती है? एक अवसर पर 'ध्वजारोहण' (Flag Hoisting) किया जाता है, तो दूसरे पर 'झंडा फहराना' या खोलना (Flag Unfurling)। आइए जानते हैं इन दोनों के बीच का अंतर, इनका अर्थ और इनसे जुड़े ऐतिहासिक नियम-

दरअसल, 1947 में जब देश आजाद हुआ, तब भारत के पास कोई संविधान नहीं था और राष्ट्रपति का पद नहीं था। इसलिए प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने पहली बार लाल किले पर ध्वजारोहण किया था। 1950 में संविधान लागू होने के बाद राष्ट्रपति पद अस्तित्व में आया, इसलिए 26 जनवरी को राष्ट्रपति राष्ट्रीय ध्वज फहराते हैं।


1. ध्वजारोहण (Flag Hoisting - 15 अगस्त / स्वतंत्रता दिवस)

स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) पर तिरंगा पोल (खंभे) के नीचे बंधा होता है। देश के प्रधानमंत्री रस्सी खींचकर ध्वज को नीचे से ऊपर पोल के टॉप तक ले जाते हैं और फिर उसे फहराते हैं। नीचे से ऊपर ले जाकर झंडा फहराने की इस प्रोसेस को 'ध्वजारोहण' (Flag Hoisting) कहा जाता है। यह प्रोसेस ब्रिटेन के औपनिवेशिक शासन के अंत और 15 अगस्त 1947 को एक नए स्वतंत्र भारत के रूप में भारत के उदय का प्रतीक है। इस दिन देश के प्रधानमंत्री लाल किले पर ध्वजारोहण करते हैं और राष्ट्र को संबोधित करते हैं।

2. झंडा फहराना या खोलना (Flag Unfurling - 26 जनवरी / गणतंत्र दिवस)

गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) पर तिरंगा पहले से ही पोल के शीर्ष (ऊपरी हिस्से) पर बंधा होता है। राष्ट्रपति केवल रस्सी खींचकर पोल पर बंधे हुए झंडे को खोलते हैं, जिससे वह हवा में लहराने लगता है। इस प्रोसेस को 'झंडा फहराना' या 'उन्मोचन' (Flag Unfurling) कहा जाता है। यह देश को आजादी मिलने का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह दर्शाता है कि भारत 26 जनवरी 1950 को अपना संविधान लागू होने के साथ एक पूर्ण लोकतांत्रिक गणराज्य (Republic) बना।

देश के राष्ट्रपति कर्तव्य पथ (पूर्व में राजपथ) पर तिरंगा फहराते हैं, जहां भव्य सैन्य परेड और सांस्कृतिक झांकियों का प्रदर्शन होता है।

यह भी पढ़ें- Independence Day 2026: राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत में क्या अंतर, गाने के पहले भी निभाने पड़ते हैं अलग-अलग प्रोटोकॉल