
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। पेट दर्द, गैस, कब्ज और बवासीर जैसी समस्याओं को अक्सर लोग सामान्य समझकर नजरअंदाज करते रहते हैं, जबकि कुछ मरीज आपरेशन के नाम से ही डर जाते हैं। वहीं, सर्जरी के बाद अपेक्षित लाभ नहीं मिलने पर वे असमंजस में पड़ जाते हैं कि अब क्या करें।
ऐसे में जरूरी है कि बीमारी के लक्षणों के आधार पर सही जांच कराई जाए और विशेषज्ञ की सलाह से उपचार का विकल्प चुना जाए। हर समस्या में ऑपरेशन जरूरी नहीं होता, लेकिन जहां सर्जरी की आवश्यकता हो, वहां डर या देरी के कारण इलाज टालना भी नुकसानदायक हो सकता है।
नईदुनिया के हेलो डाॅक्टर कार्यक्रम में मंगलवार को जयारोग्य चिकित्सालय के सर्जरी विशेषज्ञ डाॅ. अनुराग चौहान ने पाठकों के सवालों के जवाब दिए।
उन्होंने पेट दर्द, बवासीर, खाना खाने के बाद डकार आने, गैस और कब्ज, हर्निया तथा पहले हुए ऑपरेशन के सफल नहीं होने जैसी समस्याओं पर मार्गदर्शन दिया। पाठकों ने अपनी परेशानियां साझा कीं और बेहतर उपचार के विकल्पों को लेकर सलाह मांगी।
Abdominal pain: पेट दर्द को अनदेखा करना पड सकता है भारी

सवाल-जवाब
सवाल: पेट में दर्द रहता है, क्या करूं? राजेंद्र सिंह, ग्वालियर
जवाब: पेट दर्द के कई कारण हो सकते हैं। दर्द किस जगह हो रहा है, कितने समय से है और उसके साथ उल्टी, बुखार, पेट फूलने या मल-मूत्र संबंधी परेशानी जैसे लक्षण हैं या नहीं, इसकी जानकारी जरूरी है। बार-बार पेट दर्द होने पर चिकित्सक से जांच कराएं।
सवाल: बवासीर का ऑपरेशन कराना है, लेकिन डर लगता है? रामकुमार, डबरा
जवाब: बवासीर के हर मरीज को ऑपरेशन की जरूरत नहीं होती। शुरुआती अवस्था में खानपान में सुधार, पर्याप्त पानी, फाइबरयुक्त भोजन और कब्ज से बचाव से राहत मिल सकती है। बीमारी की गंभीरता के अनुसार दवाओं, अन्य प्रक्रियाओं या सर्जरी की सलाह दी जा सकती है।
सवाल: खाना खाने के बाद डकारें आती हैं, क्या करें? करतार सिंह, ग्वालियर
जवाब: जल्दी-जल्दी खाना खाने, भोजन के साथ अधिक हवा निगलने, कार्बोनेटेड पेय पीने या अपच के कारण डकारें आ सकती हैं। धीरे-धीरे खाएं, भोजन अच्छी तरह चबाएं और एक बार में बहुत अधिक खाने से बचें। यदि डकारों के साथ सीने या पेट में दर्द, लगातार उल्टी अथवा निगलने में परेशानी हो, तो चिकित्सकीय जांच कराएं।

सवाल: पेट में गैस बनी रहती है और पेट भी साफ नहीं होता? विनय वाजपेयी, मुरार
जवाब: गैस और कब्ज की समस्या में फाइबरयुक्त भोजन, पर्याप्त पानी, नियमित शारीरिक गतिविधि और शौच की नियमित आदत मददगार हो सकती है। लंबे समय तक कब्ज रहने पर स्वयं दवाएं लेने के बजाय चिकित्सक से सलाह लें।
सवाल: हर्निया की शिकायत है, क्या ऑपरेशन जरूरी है? रामबाबू, ग्वालियर
जवाब: हर्निया में पेट की मांसपेशियों की कमजोर जगह से अंदर के ऊतक या अंग बाहर की ओर उभर सकते हैं। उपचार का निर्णय हर्निया के प्रकार, आकार, लक्षण और मरीज की स्थिति के आधार पर होता है। कई मामलों में सर्जरी की सलाह दी जाती है।
सवाल: ऑपरेशन फेल हो गया, अब क्या करूं? देवेंद्र, गोहद, भिंड
जवाब: ऑपरेशन के बाद अपेक्षित राहत नहीं मिलने के कई कारण हो सकते हैं। सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि समस्या दोबारा क्यों हुई या कौन-से लक्षण बने हुए हैं। पुराने आपरेशन की रिपोर्ट, जांच और डिस्चार्ज संबंधी दस्तावेज लेकर संबंधित विशेषज्ञ से दोबारा परामर्श करें। जरूरत पड़ने पर दूसरी विशेषज्ञ राय भी ली जा सकती है।