
नईदुनिया प्रतिनिधि,ग्वालियर। दांतों में दर्द, मसूड़ों से खून आना, मुंह से दुर्गंध और पायरिया जैसी समस्याओं को अक्सर लोग सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। कई लोग दर्द होने पर कुछ समय के लिए राहत पाने के उपाय करते हैं, लेकिन समस्या की असली वजह जानने के लिए दंत चिकित्सक के पास नहीं पहुंचते।
यही लापरवाही आगे चलकर दांतों को नुकसान पहुंचा सकती है। बच्चों में मुंह से बदबू आने की समस्या हो या उम्र बढ़ने के साथ दांतों के बीच जगह बनना, हर स्थिति में कारण को समझना और समय पर उपचार कराना जरूरी है।
दंत रोगों से जुड़ी ऐसी ही समस्याओं पर पाठकों को जागरूक करने के लिए मंगलवार को नईदुनिया के हेलो डाक्टर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें जेएएच के दंत रोग विभाग के विभागाध्यक्ष एवं दंत रोग विशेषज्ञ डाॅ. सुरेश खांडे अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
उन्होंने ग्वालियर सहित अन्य जिलों से फोन पर जुड़े पाठकों के सवालों के जवाब देते हुए चिकित्सकीय सलाह दी। कार्यक्रम में बच्चों के मुंह से दुर्गंध आने, दांतों के बीच गैप बनने, खाना खाते समय दर्द होने, दाढ़ टूटने, मसूड़ों से खून आने और पायरिया की शिकायतों से जुड़े सवाल प्रमुख रहे।
मुंह से आती है जबरदस्त बदबू? जानें इसके कारण और दूर करने के आसान उपाय

सवाल-जवाब
सवाल: मेरी आठ साल की बच्ची के मुंह से बदबू आती है, क्या करें? सचिन, ग्वालियर
जवाब: बच्चों के मुंह से दुर्गंध आने के पीछे दांतों पर जमा गंदगी, जीभ की ठीक से सफाई नहीं होना, दांतों में कीड़ा लगना या मसूड़ों की समस्या जैसे कारण हो सकते हैं। कभी-कभी मुंह सूखने, मुंह से सांस लेने या नाक-गले की परेशानी के कारण भी ऐसा हो सकता है। बच्ची को दिन में दो बार फ्लोराइड युक्त टूथपेस्ट से ब्रश कराएं और जीभ की सफाई की आदत डालें।
सवाल: दांतों के बीच गैप आ गया है, क्या करूं? लल्लाराम राठौर, मोहना
जवाब: दांतों के बीच जगह बनने के कई कारण हो सकते हैं। इनमें मसूड़ों की बीमारी, दांतों की स्थिति में बदलाव, दांतों का आकार और जबड़े की बनावट शामिल हैं। यदि पहले दांतों के बीच जगह नहीं थी और अब बनने लगी है, तो इसे सामान्य मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। दंत चिकित्सक से जांच कराएं। कारण के अनुसार उपचार तय किया जाता है।
सवाल: खाना खाते समय दांत में दर्द होता है? जीडी जुनेजा, मुरार, ग्वालियर
जवाब: खाना चबाते समय दांत में दर्द होना दांत में कीड़ा लगने, दांत में दरार, पुरानी फिलिंग खराब होने या दांत के अंदरूनी हिस्से में संक्रमण का संकेत हो सकता है। ठंडा-गर्म या मीठा खाने पर दर्द बढ़ता है, तो भी जांच जरूरी है। दर्द को दबाने के लिए बार-बार दवा लेने के बजाय दंत चिकित्सक को दिखाएं।
सवाल: दांतों में दर्द रहता है और दाढ़ भी टूट गई है, क्या करें? पदम जैन, भितरवार
जवाब: दाढ़ टूटने के साथ दर्द होना दांत में गहरी सड़न, दरार या संक्रमण के कारण हो सकता है। ऐसी स्थिति में देरी करने से समस्या बढ़ सकती है। दाढ़ का कितना हिस्सा सुरक्षित है और संक्रमण कितना गहरा है, यह जांच के बाद ही पता चलता है। दांत बचाया जा सकता है तो फिलिंग या रूट कैनाल जैसे उपचार किए जा सकते हैं।
सवाल: दांतों से खून आता है, क्या करें? संजीव सिंह, ग्वालियर
जवाब: ब्रश करते समय या कुछ खाते समय मसूड़ों से खून आना मसूड़ों में सूजन, दांतों पर प्लाक और टार्टर जमा होने या मसूड़ों की बीमारी का संकेत हो सकता है। ब्रश करना बंद न करें, बल्कि मुलायम ब्रश से हल्के हाथों से सफाई करें। दांतों के बीच की सफाई पर भी ध्यान दें। यदि खून बार-बार आता है, मसूड़ों में सूजन है या सांस से दुर्गंध आती है, तो दंत चिकित्सक से जांच कराएं।
सवाल: पायरिया की शिकायत है, क्या करूं? सतीश सिंह, ग्वालियर
जवाब: पायरिया मसूड़ों और दांतों को सहारा देने वाले ऊतकों से जुड़ी बीमारी है। इसमें मसूड़ों से खून आना, सूजन, मुंह से बदबू आना, मसूड़ों का पीछे हटना और गंभीर स्थिति में दांत हिलने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। नियमित ब्रश करने के साथ दांतों पर जमा टार्टर को हटाने के लिए दंत चिकित्सक से स्केलिंग कराना जरूरी हो सकता है।