
लाइफस्टाइल डेस्क। 31 अक्टूबर आते ही दुनिया के कई देशों में डरावने कॉस्ट्यूम, कद्दू से बनी लालटेन, भूतिया सजावट और हॉरर फिल्मों की चर्चा तेज हो जाती है। बच्चे कैंडी इकट्ठा करते हैं, युवा थीम पार्टी में शामिल होते हैं और लोग अपने घरों को डरावने अंदाज में सजाते हैं। लेकिन Halloween की कहानी सिर्फ डर और मनोरंजन तक सीमित नहीं है। इसके पीछे फैशन, फूड, एंटरटेनमेंट और रिटेल से जुड़ा एक बड़ा कारोबार भी है। अमेरिका में 2026 के दौरान Halloween पर कंज्यूमर्स के खर्च का अनुमान 13.5 अरब डॉलर है।
Halloween के दौरान लोग सिर्फ डरावने कपड़े नहीं खरीदते, बल्कि घर सजाने का सामान, मेकअप, कैंडी, पार्टी प्रॉप्स और थीम से जुड़ी दूसरी चीजों पर भी खर्च करते हैं। अमेरिकी नेशनल रिटेल फेडरेशन (NRF) के 2026 के सर्वे के मुताबिक, इस त्योहार पर कॉस्ट्यूम के लिए 4.4 अरब डॉलर, सजावट के लिए 4.3 अरब डॉलर और कैंडी के लिए 4.1 अरब डॉलर खर्च होने का अनुमान है। यानी त्योहार से जुड़ी इन तीन श्रेणियों में ही लगभग 12.8 अरब डॉलर का कारोबार हो सकता है।
इस बाजार में बच्चों के सुपरहीरो कॉस्ट्यूम से लेकर अडल्ट्स के वैम्पायर लुक, डरावने मास्क और घर के बाहर लगाए जाने वाले कंकाल तक शामिल हैं। इसके अलावा, मेकअप ब्रांड, मिठाई बनाने वाली कंपनियां, ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म और अस्थायी Halloween स्टोर भी इस सीजन से फायदा उठाते हैं।
Halloween की जड़ें प्राचीन सेल्टिक परंपरा Samhain से जुड़ी मानी जाती हैं। इस परंपरा में मौसम बदलने और सर्दियों की शुरुआत से जुड़े आयोजन होते थे। समय के साथ ईसाई परंपराओं और स्थानीय रीति-रिवाजों का भी इस त्योहार पर प्रभाव पड़ा। बाद में अमेरिका में Halloween बच्चों की गतिविधियों, कॉस्ट्यूम पार्टियों और कैंडी बांटने जैसी परंपराओं के साथ लोकप्रिय हुआ।
फिल्मों और पॉप कल्चर ने भी इसके मौजूदा स्वरूप को मजबूत किया। हॉरर फिल्मों के लोकप्रिय किरदार, डरावने मास्क और मशहूर फिल्मों से प्रेरित आउटफिट Halloween की पहचान का हिस्सा बन गए। अब लोग सिर्फ पारंपरिक भूत या चुड़ैल नहीं बनते, बल्कि फिल्मों, वेब सीरीज और सोशल मीडिया पर वायरल किरदारों से भी प्रेरणा लेते हैं।
यही वजह है कि Halloween का बाजार एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री से भी जुड़ गया है। हॉरर फिल्मों की रिलीज, थीम आधारित इवेंट, डरावने अनुभव देने वाले आकर्षण और सोशल मीडिया कंटेंट इस मौके को व्यावसायिक रूप से और बड़ा बनाते हैं।
Halloween की खरीदारी अब सिर्फ अक्टूबर के आखिरी दिनों तक सीमित नहीं रहती। NRF के 2026 सर्वे के मुताबिक, लगभग 49% उपभोक्ताओं ने सितंबर या उससे पहले खरीदारी शुरू करने की योजना जताई। इससे कंपनियों को त्योहार से पहले ही ग्राहकों तक पहुंचने का मौका मिलता है।
सोशल मीडिया पर कॉस्ट्यूम आइडिया, मेकअप ट्यूटोरियल और थीम पार्टी की तस्वीरें लोगों को नए प्रयोग करने के लिए प्रेरित करती हैं। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर अलग-अलग बजट में सामान उपलब्ध होने से खरीदारी भी आसान हुई है। इसी साल के अमेरिकी सर्वे में करीब 47% उपभोक्ताओं ने Halloween की खरीदारी में AI टूल्स का इस्तेमाल करने की बात कही। इनका उपयोग नए आइडिया खोजने और उत्पादों के विकल्प तलाशने के लिए किया जा रहा है।
हालांकि, 13.5 अरब डॉलर का आंकड़ा अमेरिका में Halloween से जुड़े उपभोक्ता खर्च का अनुमान है, पूरी दुनिया के बाजार का नहीं। फिर भी यह दिखाता है कि किस तरह एक सांस्कृतिक त्योहार समय के साथ फैशन, मनोरंजन और खरीदारी से जुड़ा बड़ा आर्थिक अवसर बन सकता है। Halloween की लोकप्रियता का राज सिर्फ डर में नहीं, बल्कि लोगों को कुछ नया अनुभव करने, खुद को अलग अंदाज में पेश करने और उस अनुभव को दूसरों के साथ साझा करने में भी छिपा है।