
लाइफस्टाइल डेस्क। सोशल मीडिया पर इन दिनों 7 से 10 स्टेप वाली स्किनकेयर रूटीन काफी लोकप्रिय है। कहीं चेहरे पर एक के बाद एक सीरम लगाने की सलाह दी जाती है, तो कहीं ग्लास स्किन पाने के लिए कई तरह के प्रोडक्ट इस्तेमाल करने के तरीके बताए जाते हैं। लोग भी बेदाग और चमकदार स्किन पाने की चाह में क्लींजर, टोनर, सीरम, एक्सफोलिएटर, मॉइस्चराइजर और कई अन्य प्रोडक्ट अपनी दिनचर्या में शामिल कर लेते हैं। लेकिन क्या ज्यादा प्रोडक्ट लगाने से स्किन जल्दी अच्छी होती है? जरूरी नहीं। कई बार जरूरत से ज्यादा स्किनकेयर करने से स्किन को फायदा होने के बजाय नुकसान भी पहुंच सकता है।
जब कोई व्यक्ति अपनी स्किन की जरूरत से ज्यादा प्रोडक्ट इस्तेमाल करने लगता है या एक साथ कई सक्रिय तत्वों वाले प्रोडक्ट लगाता है, तो इसे आम तौर पर स्किनकेयर ओवरलोड कहा जाता है। उदाहरण के लिए, एक ही दिन में रेटिनॉल, AHA या BHA जैसे एक्सफोलिएटिंग एसिड और दूसरे एक्टिव इंग्रीडिएंट्स का इस्तेमाल कुछ लोगों की स्किन में जलन पैदा कर सकता है।
हर प्रोडक्ट का अपना काम होता है। क्लींजर स्किन की गंदगी हटाता है, मॉइस्चराइजर नमी बनाए रखने में मदद करता है और सनस्क्रीन धूप की हानिकारक किरणों से सुरक्षा देती है। लेकिन सभी प्रोडक्ट एक साथ इस्तेमाल करना जरूरी नहीं है। सही चुनाव स्किन के प्रकार और उसकी जरूरत के हिसाब से होना चाहिए।
1. स्किन में जलन और रेडनेस: कई एक्टिव इंग्रीडिएंट्स एक साथ इस्तेमाल करने से स्किन में जलन, खुजली, रेडनेस या चुभन हो सकती है। खासकर संवेदनशील स्किन वाले लोगों को ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए।
2. स्किन की सुरक्षा परत कमजोर होना: स्किन की बाहरी परत नमी बनाए रखने और बाहरी नुकसान से बचाने में मदद करती है। बार-बार एक्सफोलिएशन या तेज प्रोडक्ट्स के इस्तेमाल से यह परत प्रभावित हो सकती है। इससे स्किन रूखी, खुरदरी और ज्यादा संवेदनशील हो सकती है।
3. मुंहासे बढ़ने की आशंका: कुछ भारी या स्किन के अनुकूल न होने वाले प्रोडक्ट रोमछिद्रों को बंद कर सकते हैं। अगर एक साथ कई नए प्रोडक्ट इस्तेमाल किए जाएं, तो यह समझना भी मुश्किल हो जाता है कि किस प्रोडक्ट से मुंहासे बढ़ रहे हैं।
4. एलर्जी और सूजन: कुछ प्रोडक्ट्स में मौजूद खुशबू, प्रिजर्वेटिव या दूसरे तत्व एलर्जी पैदा कर सकते हैं। इससे खुजली, सूजन और स्किन पर दाने निकल सकते हैं।
जरूरी नहीं कि 10 स्टेप वाली हर रूटीन नुकसानदायक हो। अगर सभी प्रोडक्ट स्किन के अनुकूल हैं और सही तरीके से इस्तेमाल किए जा रहे हैं, तो कुछ लोगों को उनसे फायदा मिल सकता है। समस्या तब होती है जब बिना जरूरत कई प्रोडक्ट इस्तेमाल किए जाते हैं या उनकी मात्रा और इस्तेमाल की आवृत्ति का ध्यान नहीं रखा जाता।
स्किन की देखभाल के लिए आमतौर पर एक आसान रूटीन काफी हो सकती है। सुबह चेहरे को हल्के क्लींजर से साफ करें, जरूरत के अनुसार मॉइस्चराइजर लगाएं और ब्रॉड-स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें। रात में क्लींजर और मॉइस्चराइजर से शुरुआत की जा सकती है। मुंहासे, पिगमेंटेशन या उम्र बढ़ने के संकेतों के लिए किसी खास प्रोडक्ट की जरूरत हो, तो उसे धीरे-धीरे रूटीन में शामिल करना बेहतर है।
अगर प्रोडक्ट लगाने के बाद लगातार जलन, रेडनेस, असामान्य रूखापन, खुजली या स्किन छिलने जैसी परेशानी होने लगे, तो स्किनकेयर रूटीन पर दोबारा ध्यान देना चाहिए। ऐसे में परेशान करने वाले प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल रोकें और साधारण, बिना खुशबू वाले मॉइस्चराइजर का सहारा लें। गंभीर या लगातार लक्षण होने पर स्किन विशेषज्ञ से सलाह लें।
याद रखें, अच्छी स्किन के लिए सबसे महंगे या सबसे ज्यादा प्रोडक्ट जरूरी नहीं हैं। सही प्रोडक्ट, नियमित देखभाल और स्किन की जरूरतों को समझना ज्यादा महत्वपूर्ण है।
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