
लाइफस्टाइल डेस्क। बदलती लाइफस्टाइल, गलत खानपान और भागदौड़ भरी दिनचर्या का सीधा असर अब पाचन तंत्र पर दिखाई देने लगा है। कमजोर होती आंतें (Gut Health) आजकल एक आम समस्या बनती जा रही हैं, जिसका सबसे पहला संकेत कब्ज (Constipation) के रूप में सामने आता है।
लंबे समय तक कब्ज रहने से न सिर्फ पेट से जुड़ी परेशानियां बढ़ती हैं, बल्कि सिरदर्द, थकान, गैस, एसिडिटी और त्वचा संबंधी समस्याएं भी होने लगती हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, अगर समय रहते आंतों की सेहत पर ध्यान न दिया जाए, तो यह समस्या गंभीर रूप ले सकती है। आइए जानते हैं आंतें कमजोर होने के कारण और कब्ज से राहत पाने के आसान उपाय।
ये सभी कारण मिलकर पाचन क्रिया को धीमा कर देते हैं, जिससे कब्ज की समस्या शुरू हो जाती है।
हरी सब्जियां, फल, सलाद, दलिया, ओट्स, चोकर वाला आटा और साबुत अनाज आंतों की सफाई में मदद करते हैं। दिन में पर्याप्त फाइबर लेने से मल सॉफ्ट रहता है।
दिनभर में 8 से 10 गिलास पानी जरूर पिएं। पानी आंतों को एक्टिव रखता है और कब्ज की समस्या को दूर करने में सहायक होता है।
दही, छाछ और फर्मेंटेड फूड आंतों में अच्छे बैक्टीरिया बढ़ाते हैं, जिससे पाचन मजबूत होता है।
हल्की वॉक, योग, प्राणायाम और स्ट्रेचिंग से पाचन तंत्र सक्रिय रहता है। खासतौर पर सुबह की सैर कब्ज में बेहद फायदेमंद मानी जाती है।
हर दिन एक ही समय पर खाना खाने और टॉयलेट जाने की आदत आंतों की कार्यप्रणाली को सुधारती है।
ज्यादा तनाव भी आंतों को कमजोर करता है। मेडिटेशन और गहरी सांस लेने के अभ्यास से मानसिक और पाचन स्वास्थ्य दोनों बेहतर होते हैं।
अगर कब्ज की समस्या लंबे समय तक बनी रहे, पेट में तेज दर्द हो, वजन तेजी से घटने लगे या खून के साथ मल आए, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
आंतों की सेहत अच्छी होगी तो पूरा शरीर स्वस्थ रहेगा। इसलिए छोटी-छोटी आदतों में बदलाव कर आप कब्ज से राहत पा सकते हैं और पाचन तंत्र को मजबूत बना सकते हैं।