
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। मौसम में परिवर्तन हमारे स्वास्थ्य के सीधा असर डालता है। ऐसे में यह जरूरी हों जाता है कि हम अपनी डाइट का ख्याल रखें। खाने में हरी सब्जियां, मौसमी फल और प्रोटीन, विटामिन से भरपूर चीजें स्वस्थ रखने में मदद करती हैं। छोटे बच्चे और किशोरावस्था में पहुंचे बच्चों को जंक-फास्ट फूड और प्रोसेस्ड फूड से दूरी बनानी चाहिए। इन चीजों से बीमार होने का खतरा बढ़ जाता है।
बच्चा अगर गोद में हों तो मां और परिवार के अन्य लोगों को हाइजीन का खास ध्यान रखनी होता है, वरना बच्चा संक्रमित हों सकता है। हर उम्र के लोगों को घर से निकलने से पहले ब्रेकफास्ट जरूर करना चाहिए।
हैलो नईदुनिया के कार्यक्रम में पाठकों के सवालों का जवाब देते हुए कम्युनिटी न्यूट्रिशनिस्ट डाॅ. पूनम विशाल ज्वेल ने यह बातें कही। उन्होंने कहा कि सही दिनचर्या और सही खाद्य पदार्थों का सेवन कर किसी भी उम्र में स्वस्थ रहा जा सकता है।
किशोरावस्था में पहुंचे बच्चों को अपने रूटीन का खास ध्यान रखने के साथ ही शारीरिक व्यायाम करना चाहिए। स्क्रीन टाइम जितना कम से कम हों उतना बेहतर रहेगा।
इस मौसम में च्यवनप्राश का सेवन कर सकते हैं? क्या पैकेज वाला दूध पीना स्वास्थ्यकर रहेगा? - राजेश जैन
जिन लोगों को डायबिटीज की शिकायत नहीं है वे इस मौसम में च्यवनप्राश का सेवन कर सकते हैं। इसे आप सुबह के वक्त लेंगे तो ज्यादा फायदेमंद रहेगा। इसके साथ ही आप कोई सा भी दूध इस्तेमाल कर सकते हैं क्योंकि हमारे यहां हम दूध को उबालने के बाद ही पीते हैं। इसके साथ ही बिना चिकित्सकीय सलाह के प्रोटीन सप्लीमेंट लेने से भी बचें।
बदलते मौसम में सेहत का ध्यान कैसे रखें? घर में छोटे बच्चे भी हैं जो बीमार हों जाते हैं ऐसे में उनका आहार कैसा हों बताएं। - यतिका नामदेव
वर्तमान में मौसम में बदलाव हों रहा है, ऐसे में बच्चों के बीमार होने का खतरा बढ़ जाता है। बच्चे को साबुन से हाथ धोने के बाद ही खाना दें। घर का बना फूड ही दें। बाजार का फास्ट फूड और प्रोसेस्ड फूड बंद करे। आइसक्रीम खाने से रोकें। बच्चे को घर से बाहर ले जाते वक्त मास्क पहनाएं। बच्चे का लंच बाक्स हेल्दी होना चाहिए और उसकी थाली में मौसमी फल सब्जी होना चाहिए।
मेरा बच्चा छह माह का है। उसे पानी की कितनी मात्रा दे सकते हैं और आहार क्या रखें? - हुमैरा खान
आपका बच्चा अगर छह माह का है तो उसे पानी तब ही दें जब वह डिमांड करे। उसे मां का दूध भरपूर पिलाएं, इससे पानी की कमी पूरी होती है। बच्चे को जब भी पानी पिलाएं तो उसे बाटल से न पिलाते हुए गिलास से पिलाएं। इसके साथ ही बच्चे को मौसमी फलों का जूस बनाकर पिलाया जा सकता है।
मेरी उम्र 83 साल है। मैं कई वर्षों से सुबह मूंगफली दाने, चना, गुड़ और दूध का सेवन करता हूं। मेरी यह डाइट ठीक है या नहीं?
इस उम्र में भी अगर आपके शरीर के लिए यह डाइट लाभदायक है तो आप इसे निरंतर रख सकते हैं। आप दूध केला भी खाते हैं तो यह कैल्शियम का एक बड़ा स्रोत है। इससे आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बेहतर बनेगी।
बीमारी से प्रभावित व्यक्ति को डाक्टर से परामर्श लेकर सप्लीमेंट लेना चाहिए या नहीं?
बिना चिकित्सकीय सलाह के सप्लीमेंट लेना ठीक नहीं है। अगर किसी विशेषज्ञ डाक्टर ने कहा है तो इसे लिया जा सकता है। हालांकि सप्लीमेंट्स हमेशा नहीं लेना चाहिए।
बच्चों का पाचन ही नहीं, व्यवहार भी बिगाड़ सकता है इस तरह का खाना

2020 में मुझे कोविड हुआ था, उसके बाद से मेरी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हों गई है। मुझे बार-बार सर्दी-जुकाम हों जाता है। मेरी उम्र 76 साल है और मुझे डायबिटीज भी है। - प्रकाश कोठालकर
कोरोना के समय आपने डब्ल्यूएचओ की जो गाइडलाइन फालो की थी जैसे मास्क लगाना, अच्छे से हाथ धोना आदि को जरूर करे। आप गुनगुना हल्दी वाला दूध रोजाना पिएं और फ्रिज में रखी ठंडी चीजें खाने से बचें। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए आंवला-त्रिफला का सेवन फायदेमंद रहेगा।
मौसम बदल रहा है और मैंने व्रत रखे हुए हैं तो मेरी डाइट कैसी रहनी चाहिए? - एकता मेहरा
आप इस मौसम में हाइजेनिक फूड का सेवन करे। बाजार की चीजों को खाने से बचें। फलाहार ले रहे हैं तो ताजे फल खाएं और दूध और छाछ पीते रहें। इन दिनों में हाइड्रेशन का भी ध्यान रखें।
मौसम बदलने से मेरा गला खराब हों गया है, कैसी डाइट रखनी चाहिए? - राहुल शुक्ला
आप घर का बना खाना ही खाएं और बाहर कुछ भी खाने से बचें। गुनगुना पानी पिएं और पैक्ड जूस और अन्य चीजों के सेवन से परहेज करे। सीजनल फ्रूट का सेवन इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करेगा।
मेरा बेटा 19 साल का है और जिम जा रहा है, उसे कैसी डाइट रखनी चाहिए? - अंजलि उपाध्याय
आपका बेटा अगर जिम जाता है तो उसे सप्लीमेंट के बजाय घर का हेल्दी खाना खिलाएं। खाने में प्रोटीन से भरपूर चीजें जैसे दाल, दही, पनीर आदि हों। आप अगर नानवेज खाते हैं तो हफ्ते में तीन दिन अंडे और नानवेज का सेवन भी कर सकते हैं।