
लाइफस्टाइल डेस्क। बदलते मौसम में बच्चों की सेहत को लेकर अभिभावकों की चिंता बढ़ जाती है। तापमान में उतार-चढ़ाव के बीच सर्दी-जुकाम, खांसी और बुखार जैसी समस्याएं आम हैं। वहीं, डेंगू जैसी मच्छरजनित बीमारियों का खतरा भी बना रहता है।
कई बार सामान्य समझकर बीमारी को नजरअंदाज करना या बिना चिकित्सकीय सलाह दवा देना परेशानी बढ़ा सकता है। बच्चों की उम्र और वजन के अनुसार दवा की मात्रा तय करना भी जरूरी है।
पर्याप्त तरल पदार्थ, पौष्टिक आहार, साफ-सफाई और मच्छरों से बचाव जैसे उपाय बच्चों को स्वस्थ रखने में मददगार हैं। नईदुनिया हेलो डाॅक्टर कार्यक्रम में शासकीय मेडिकल कॉलेज रतलाम की सहायक प्राध्यापक एवं शिशु रोग विशेषज्ञ डाॅ. सारिका बघेल ने अभिभावकों के सवालों के जवाब दिए।
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सवाल- बदलते मौसम में बच्चों को बार-बार सर्दी-जुकाम और बुखार क्यों होता है? किन लक्षणों पर सतर्क रहें? – प्रथमेश मेहता, पेलेस रोड
जवाब – मौसम में बदलाव के दौरान बच्चों में श्वसन संक्रमण हो सकते हैं। स्कूल और अन्य सामूहिक गतिविधियों में संपर्क बढ़ने से भी संक्रमण फैलता है। यदि बच्चा सामान्य रूप से खेल रहा है, पानी पी रहा है और उसकी सांस सामान्य है, तो उसकी निगरानी करें। सांस लेने में परेशानी, अत्यधिक सुस्ती या पानी नहीं पी पाने पर तत्काल डाक्टर को दिखाएं। तीन महीने से कम उम्र के बच्चे को 38 डिग्री सेल्सियस या अधिक बुखार होने पर तुरंत चिकित्सकीय जांच जरूरी है। बिना सलाह एंटीबायोटिक न दें।
सवाल - मच्छरों से बचाव के केमिकल युक्त लोशन बच्चों के लिए कितने सुरक्षित हैं? इनका इस्तेमाल कैसे करें? – गोपाल कुमावत, टाटा नगर
जवाब – मच्छर भगाने वाले लोशन का चयन बच्चे की उम्र के अनुसार करें और पैक पर दिए निर्देशों का पालन करें। छोटे बच्चों पर इस्तेमाल से पहले चिकित्सक की सलाह लें। लोशन आंखों, मुंह, हाथों और कटे हिस्सों पर न लगाएं। बच्चे को स्वयं लोशन लगाने न दें। मच्छरदानी, पूरी बांह के कपड़े और घर के आसपास पानी जमा नहीं होने देना भी जरूरी है। डेंगू फैलाने वाले मच्छर दिन में भी काटते हैं, इसलिए दिनभर बचाव करें।
सवाल- बच्चों को बुखार आने पर क्या तुरंत दवा देना जरूरी है? डेंगू के कौन-से लक्षण खतरनाक हैं? – मनीष कटकानी, त्रिमूर्ति नगर
जवाब – बुखार में बच्चे की उम्र, व्यवहार और अन्य लक्षणों पर ध्यान दें। पर्याप्त तरल पदार्थ दें और आराम कराएं। दवा जरूरत के अनुसार चिकित्सकीय सलाह से दें। डेंगू की आशंका होने पर तेज बुखार, उल्टी और कमजोरी को नजरअंदाज न करें। पेट में तेज दर्द, लगातार उल्टी, खून आने या अत्यधिक सुस्ती जैसे लक्षण दिखने पर तत्काल अस्पताल जाएं। बिना डाक्टर की सलाह दर्दनिवारक दवाएं या एंटीबायोटिक न दें।