
लाइफस्टाइल डेस्क। अक्टूबर की शुरुआत के साथ तापमान में उतार-चढ़ाव, सुबह-शाम की हल्की ठंडक और त्योहारी सफाई के कारण मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। घरों की सफाई के दौरान धूल, धुआं, फफूंद और अन्य कणों के संपर्क में आने से एलर्जी और सांस संबंधी परेशानी बढ़ने की आशंका रहती है।
इस दौरान सर्दी-जुकाम में नाक बहना, छींक, गले में खराश और कमजोरी, जबकि फ्लू में अचानक बुखार, शरीर में दर्द, ठंड लगना, थकान और खांसी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।
बदलते मौसम में धूल और फफूंद से आंखों में पानी आना, खुजली, नाक बंद होना और लगातार छींक की समस्या भी हो सकती है।
बारिश के बाद जमा पानी वाले क्षेत्रों में डेंगू और मलेरिया का खतरा भी बना रहता है। बचाव के लिए घर की सफाई करते समय मास्क का उपयोग करें और धूल उड़ाने के बजाय गीले कपड़े से सफाई करें।

घर-घर बुखार, पहचानना मुश्किल वायरल है या डेंगू, पैरासीटामोल से भी नहीं हो रहा कंट्रोल
हाथ नियमित रूप से धोएं, पर्याप्त पानी पिएं और संतुलित आहार लें। Dr. नम्रता जैन, एमडी (होम्योपेथी) ने बताया कि वायरल लक्षण होने पर आराम करें और लक्षण गंभीर या लगातार बने रहने पर डाॅक्टर से सलाह लें।
फ्लू या कोविड-19 टीकाकरण की जरूरत होने पर चिकित्सक की सलाह लेना भी उचित है।