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अगर आप भी रोज खाते हैं Momos तो हो जाइए सावधान, आपको हो सकती हैं ये बीमारियां

Momos Health Risk: दफ्तर से लौटते वक्त हो या कॉलेज ब्रेक का समय मोमोज की छोटी-सी दुकान के आगे लगी भीड़ यह साफ दिखा देती है कि इसका क्रेज कम होने वाला ...और पढ़ें

By Dheeraj BelwalEdited By: Dheeraj Belwal
Publish Date: Mon, 24 Nov 2025 06:00:53 PM (IST)Updated Date: Mon, 24 Nov 2025 06:00:53 PM (IST)
अगर आप भी रोज खाते हैं Momos तो हो जाइए सावधान, आपको हो सकती हैं ये बीमारियां
Momos खाते हैं तो हो जाइए सावधान।

HighLights

  1. मोमो मैदे से बनाए जाते हैं, जिसमें पोषण की कमी होती है
  2. मोमोज खाने से वजन बढ़ने लगता है, पाचन पर सीधा असर
  3. रोज मोमोज खाने से कई खतरनाक बीमारियां हो सकती हैं

लाइफस्टाइल डेस्क। शहरों की गलियों में चलते हुए अगर किसी चीज की खुशबू सबसे पहले आपकी नाक तक पहुंचती है, तो वह है गर्म-गर्म स्टॉल पर बनते मोमोज़ की। भाप उड़ाते, मसालों की महक बिखेरते ये छोटे-छोटे पकौड़े आज हर उम्र के लोगों का फेवरेट स्नैक बन चुके हैं।

दफ्तर से लौटते वक्त हो या कॉलेज ब्रेक का समय मोमोज की छोटी-सी दुकान के आगे लगी भीड़ यह साफ दिखा देती है कि इसका क्रेज कम होने वाला नहीं। लेकिन क्या कभी आपने सोचा है कि रोजाना मोमोज खाने की यह आदत आपकी सेहत पर क्या असर डालती है? यह जानकर आप चौंक भी सकते हैं।


पाचन पर सीधा असर, पोषक तत्वों की भारी कमी

मोमोज़ की बाहरी परत ज्यादातर मैदा से तैयार की जाती है। मैदा में फाइबर लगभग ना के बराबर होता है, यही वजह है कि इसे रोज़ाना खाने से पाचन तंत्र पर असर पड़ता है। फाइबर की कमी आंतों की गति को धीमा कर देती है, जिससे कब्ज, गैस और पेट फूलने जैसी दिक्कतें बढ़ने लगती हैं।

पोषण की बात करें तो मोमोज में कैलोरी तो भरपूर मिल जाती है, लेकिन शरीर को जरूरी प्रोटीन, विटामिन और मिनरल्स नहीं मिलते। यानी पेट भर जाता है, लेकिन पोषण नहीं मिलता—नतीजा होता है पोषण असंतुलन।

इसके अलावा मोमोज के साथ मिलने वाली लाल-तेज चटनी भी समस्या को बढ़ाती है, क्योंकि इसमें नमक और अनहेल्दी फैट्स की मात्रा अधिक होती है। ज्यादा सोडियम ब्लड प्रेशर बढ़ा सकता है और शरीर में पानी रोक सकता है।

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लंबे समय में वजन बढ़ने से लेकर गंभीर बीमारियों का खतरा

रोजाना मोमोज खाने की आदत लंबे समय में और भी बड़ी दिक्कतें पैदा कर सकती है।

  • वजन बढ़ना: मोमोज ‘खाली कैलोरी’ यानी ऐसी कैलोरी देते हैं जो पोषण से लगभग खाली होती है। बार-बार इनका सेवन शरीर में अतिरिक्त कैलोरी जोड़ता है, जिससे वजन धीरे-धीरे बढ़ने लगता है।
  • ब्लड शुगर पर असर: मैदा एक रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट है, जो जल्दी पचकर शरीर में शुगर में बदल जाता है। इससे ब्लड शुगर अचानक बढ़ता और फिर तुरंत गिरता है। यह उतार-चढ़ाव लंबे समय में टाइप-2 डायबिटीज़ का खतरा बढ़ा सकता है।

  • दिल की सेहत पर जोखिम: तले हुए मोमोज़ या ट्रांस फैट वाली फिलिंग खराब कोलेस्ट्रॉल बढ़ाती है। ऊपर से चटनी में मौजूद अधिक सोडियम हाई ब्लड प्रेशर का जोखिम भी बढ़ा देता है। दोनों मिलकर दिल की बीमारियों की संभावना बढ़ाते हैं।
  • एसिडिटी की शिकायत: मैदा और तीखी चटनी का कॉम्बिनेशन पेट में जलन और एसिडिटी को बार-बार ट्रिगर कर सकता है।
  • मोमोज स्वादिष्ट जरूर हैं, लेकिन रोजाना इन्हें खाने की आदत आपकी सेहत पर भारी पड़ सकती है। इसलिए इन्हें कभी-कभार खाना ठीक है, लेकिन इन्हें रोज का भोजन ना बनाएं। सेहत के लिए ताजा और पौष्टिक विकल्प चुनना ही बेहतर है।