
लाइफस्टाइल डेस्क। बदलते मौसम में टीबी (क्षय रोग) के मरीजों की संख्या बढ़ना संभावित रहता है। टीबी सिर्फ कमजोर लोगों को ही नहीं, बल्कि स्वस्थ व्यक्ति को भी अपनी चपेट में ले सकती है। इसलिए लगातार खांसी को हल्के में न लें। टीबी हवा के जरिए फैलती है। जब टीबी का मरीज खांसता या छींकता है तो उसके मुंह से निकले बैक्टीरिया हवा में मिल जाते हैं। स्वस्थ व्यक्ति सांस लेने पर उसकी चपेट में आ जाता है।
भीड़भाड़ वाली जगह, बंद कमरे और कमजोर इम्यूनिटी में संक्रमण का खतरा ज्यादा रहता है। यह सिर्फ फेफड़ों की नहीं, बल्कि हड्डी और मस्तिष्क की भी हो सकती है। इसके लक्षणों को भी जानना आवश्यक है।
2 हफ्ते से ज्यादा खांसी और शाम को बुखार, खांसी में खून आना, वजन कम होना, भूख न लगना, रात में पसीना आना, सीने में दर्द और लगातार थकान प्रमुख लक्षण में शामिल हैं।
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2 हफ्ते से ज्यादा खांसी है तो तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल या टीबी सेंटर में जाकर बलगम की जांच कराएं। डॉ. संतोष सिंह ठाकुर, जिला क्षय रोग अधिकारी के अनुसार यह जांच और इलाज सरकार की तरफ से पूरी तरह मुफ्त है। खांसते समय मुंह पर रुमाल रखें, मास्क पहनें और पौष्टिक आहार लें।
टीबी लाइलाज नहीं है। 6 महीने तक नियमित दवा खाने से यह पूरी तरह ठीक हो जाती है। अधूरी दवा छोड़ना खतरनाक है। सावधानी और समय पर जांच से ही इससे बचा जा सकता है।