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बच्‍चों को गोलगप्‍पे खाने से रोकें, मानसून में कम हो जाती है इम्‍युनिटी

बच्चे अगर दस वर्ष से कम उम्र के हैं तो उन्हें बुखार आने पर स्कूल नहीं भेजें। ज्यादा तेज फीवर होने पर पैरासिटामॉल का उपयोग करें। अन्य एंटी एलर्जिक दवाओ...और पढ़ें

By Navodit SaktawatEdited By: Navodit Saktawat
Publish Date: Sun, 13 Sep 2026 11:23:38 AM (IST)Updated Date: Sun, 13 Sep 2026 11:23:38 AM (IST)
बच्‍चों को गोलगप्‍पे खाने से रोकें, मानसून में कम हो जाती है इम्‍युनिटी
मानसून में बच्‍चों की सेहत।

HighLights

  1. छोटे बच्चों के लिए मच्छरदानी का उपयोग करना चाहिए।
  2. पानी को गमले, छत, कूलर पर जमा नहीं होने देना चाहिए।
  3. क्योंकि इसी साफ पानी में डेंगू मच्‍छर का लार्वा पनपता है।

लाइफस्‍टाइल डेस्‍क। बारिश के सीजन में बच्चों की सेहत का खास ख्याल रखना जरूरी है। मानसून में मच्छर जनित बीमारियों मलेरिया और डेंगू का खतरा काफी बढ़ जाता है। बच्चों को टाइफाइड, पीलिया से बचाने के लिए साफ पानी के प्रयोग के साथ ही बाहर का फूड जैसे गोलगप्पे आदि नहीं खाने देना चाहिए।

ऐसे में छोटे बच्चों के लिए मच्छरदानी का उपयोग करना चाहिए। साफ पानी को गमले, छत, कूलर या टायर जैसी घर जगहों पर जमा नहीं होने देना चाहिए, क्योंकि इसी साफ पानी में डेंगू का लार्वा पनपता है। 5 साल से कम उम्र के बच्चों की इम्यूनिटी इन दिनों कम हो जाती है।


ऐसे में उन्हें सर्दी-खांसी होने पर, सांस तेज़ चलने पर या दूध पीने में कठिनाई होने पर सतर्क होना जरूरी है। ये निमोनिया के संकेत हो सकते हैं। शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. तरुण गुप्ता का कहना है कि बच्चे अगर दस वर्ष से कम उम्र के हैं तो उन्हें बुखार आने पर स्कूल नहीं भेजें। ज्यादा तेज फीवर होने पर पैरासिटामॉल का उपयोग करें। अन्य एंटी एलर्जिक दवाओं का उपयाोग चिकित्सक की सलाह पर ही करना चाहिए।

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उम्र नहीं, जीवनशैली में छिपा है अच्छी सेहत का राज़, बस साध लें ये दो चीजें

बुखार ज्यादा तेज होने पर सिर पर ठंडे पानी की पट्टी रखना एक कारगर नुस्खा है। सर्दी-खांसी होने पर मास्क लगाकर ही बच्चों को घर से बाहर भेजें। रूमाल का उपयोग कराएं और भीड़भाड़ वाली जगह पर जाने से रोकें।

मौसम में बदलाव से बढ़ा वायरल संक्रमण

  • मौसम के अचानक करवट बदलते ही वायरल संक्रमण तेजी से फैल रहा है।
  • बदलते तापमान के कारण लोग तेज बुखार, गले में खराश और हाथ-पैरों में गंभीर दर्द से जूझ रहे हैं।
  • अस्पतालों और क्लिनिकों की ओपीडी में ऐसे मरीजों की संख्या में भारी बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। चिकित्सकों के अनुसार, इस मौसम में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर पड़ जाती है, जिससे वायरस आसानी से हमला करता है।
  • डाॅक्टरों ने लोगों को गुनगुना पानी पीने, ठंडी चीजों से परहेज करने और लक्षण दिखने पर बिना लापरवाही तुरंत डाक्टरी सलाह लेने की अपील की है।
  • इसके बाद अब बुखार तीन के बाद नहीं उतरे तो डाक्टर से परामर्श ले और घर पर आराम करें। लोगों से शरीरिक दूरी बनाकर रखे। डा श्रीकांत शर्मा फिजिशियन