
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। स्वस्थ शारीरिक और मानसिक जीवन के लिए वयस्कों को प्रतिदिन 7 से 9 घंटे की गुणवत्तापूर्ण नींद, पौष्टिक आहार और नियमित व्यायाम लेना सबसे ज्यादा जरूरी है। पर्याप्त नींद शरीर को फिर से ऊर्जावान बनाती है और मांसपेशियों की मरम्मत करती है।
यह याददाश्त, ध्यान केंद्रित करने की क्षमता और मूड को बेहतर रखती है और बीमारियों से बचाव करती है। कम सोने से मोटापा, डायबिटीज, और हृदय रोग का खतरा तो बढ़ता ही है।
साथ ही चिड़चिड़ापन, तनाव व चिंता को और बढ़ा देता है। अच्छी नींद इस बात का घोतक है कि जब आप सुबह उठेंगे तो एकदम फ्रेश महसूस करेंगे। दिमागी कसरत के लिए गेम्स खेलें, जिसमें शतरंज सहित अन्य शामिल है।
डाइट में ओमेगा-3 को शामिल करें। मानसिक स्वास्थ्य को अच्छा रखने और चिंता से दूर रहने के लिए नियमित रूप से योग, ध्यान और संतुलित जीवनशैली अपनाना सबसे असरदार उपाय है।
यह बात बुधवार को नईदुनिया के हेलो डाॅक्टर कार्यक्रम में मानसिक रोग विशेषज्ञ डा तन्मय अग्रवाल ने कही। वे पाठकों से जानकारी की साझा कर रहे थे।
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सवाल : रात के समय किस तरह मोबाइल से बचते हुए इसका उपयोग सीमित करना चाहिए। क्योंकि अनेक बार नींद नहीं आती।
प्रशांत कुमार, जबलपुर
जवाब : देखिए एक स्वस्थ जीवनशैली में मोबाइल का उपयोग जितना जरूरी हो उतना करें। खासकर रात को सोने से दो घंटे पहले इसे अपने से दूर करना हितकर होगा। इसकी जगह किताबें पढ़ें, आप पाएंगे कि आधे घंटे के अंदर आंखें भर जाएगी और आप अच्छी नींद ले पाएंगे।
सवाल : हमेशा चिंता अनेक बातों को लेकर बनी रहती है, नींद कम हो गई। कृपया मार्गदर्शन करिए।
भास्कर प्रसाद, कटनी
जवाब : जरूरी है कि आदत में बदलाव करें, चिंता से दूरी बनाएं और स्क्रीन शेयर की आदत सोने से पहले छोड़ें। नींद नहीं लेंगे, तो शरीर भारी रहेगा, चिड़चिड़ापन बना रहेगा और धीरे-धीरे यह शारीरिक विकार का कारण भी बन सकता है।
सवाल : मेरी उम्र 44 साल है, रात में टीवी व मोबाइल देखने के बाद अनेक तरह की समस्या महसूस कर रहा। साथ ही चिंता घर करती जा रही है।
मोहन तिवारी, जबलपुर
जवाब : रात में लगातार टीवी और मोबाइल देखने के कारण आपको नींद की कमी, आंखों में थकान, सिरदर्द और बढ़ती हुई चिंता जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। 44 साल की उम्र में शरीर और मस्तिष्क का स्लीप साइकिल स्क्रीन से निकलने वाली कृत्रिम रोशनी के प्रति अधिक संवेदनशील हो जाता है। जरूरी है आदत में बदलाव।
सवाल : मेरे साथ एक समस्या है, अनेक बार पारिवारिक व काम से जुड़ी कोई समस्या आती है तो फिर नींद तो उड़ जाती है। चिंता बढ़ जाती है। तनाव भी काफी महसूस कर रहा हूं।
कौशल सोनी, जबलपुर
जवाब : चिंता, तनाव सेहत के लिए घातक है। धीरे-धीरे यह अनेक रोगों का कारण बनती है। इसलिए जरूरी है कि आप विशेषज्ञ चिकित्सक से मिलें, परामर्श लें ताकि शुरूआती दौर में ही इससे बचाव हो सके।
