
लाइफस्टाइल डेस्क। महिलाओं के जीवन में पीरियड्स एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, लेकिन जब यह समय पर न आए तो चिंता होना लाजमी है। कई महिलाओं को अक्सर पीरियड्स देर से आते हैं या कभी पूरा चक्र ही गड़बड़ा जाता है।
ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि क्या यह किसी गंभीर बीमारी का संकेत है। हर बार पीरियड्स का लेट होना बीमारी नहीं होता, लेकिन यह शरीर में हो रहे हार्मोनल बदलाव का इशारा जरूर हो सकता है।
एक्सपर्ट्स के अनुसार, सामान्य मासिक चक्र 21 से 35 दिनों के बीच होता है। किसी महिला को 28 दिन में पीरियड्स आते हैं और किसी को 32 दिन में दोनों ही स्थिति सामान्य मानी जाती हैं। लेकिन अगर पीरियड्स 40-45 दिन से ज्यादा देर से आने लगें या बार-बार अनियमित हों, तो इसे इर्रेगुलर पीरियड्स कहा जाता है।
पीरियड्स का समय से न आना कई बार जीवनशैली से जुड़ी वजहों के कारण होता है, जो अस्थायी होती हैं-
तनाव और चिंता - ज्यादा स्ट्रेस से हार्मोन असंतुलित हो जाते हैं, जिससे ओव्यूलेशन प्रभावित होता है।
वजन में अचानक बदलाव - तेजी से वजन घटने या बढ़ने से शरीर का हार्मोनल संतुलन बिगड़ सकता है।
ज्यादा एक्सरसाइज - जरूरत से ज्यादा वर्कआउट करने से एस्ट्रोजन हार्मोन कम हो सकता है।
नींद की कमी - अनियमित नींद और दिनचर्या से बॉडी क्लॉक बिगड़ जाती है।
हल्का हार्मोनल असंतुलन - जो अक्सर सही लाइफस्टाइल अपनाने से ठीक हो जाता है।
कुछ स्थितियों में पीरियड्स का बार-बार लेट होना गंभीर कारणों से भी जुड़ा हो सकता है-
PCOS (पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम) - इसमें अंडाशय में सिस्ट बन जाते हैं, जिससे पीरियड्स अनियमित हो जाते हैं।
थायरॉयड की समस्या - थायरॉयड हार्मोन बढ़ने या घटने से मासिक चक्र प्रभावित होता है।
हार्मोनल दवाएं - गर्भनिरोधक गोलियां या अन्य हार्मोन थेरेपी।
गर्भावस्था - रिप्रोडक्टिव उम्र में पीरियड्स मिस हों तो प्रेग्नेंसी टेस्ट जरूरी है।
एनीमिया या पोषण की कमी - कमजोर शरीर में ओव्यूलेशन सही से नहीं हो पाता।
अगर आपको ये लक्षण दिखें तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है-
डेढ़ महीने से ज्यादा समय तक पीरियड्स न आना
बार-बार चक्र का बिगड़ना
बहुत ज्यादा या बहुत कम ब्लीडिंग
चेहरे पर ज्यादा बाल या लगातार मुंहासे
अत्यधिक थकान या चिड़चिड़ापन
समस्या की सही वजह जानने के लिए डॉक्टर ये जांच सुझा सकते हैं-
अल्ट्रासाउंड (Pelvic Scan)
हार्मोनल ब्लड टेस्ट (FSH, LH, Prolactin आदि)
थायरॉयड प्रोफाइल
प्रेग्नेंसी टेस्ट
संतुलित और पोषक आहार लें
रोजाना 7-8 घंटे की नींद लें
तनाव कम करने के लिए योग और ध्यान अपनाएं
नियमित दिनचर्या बनाएं
पीरियड्स का समय से न आना हमेशा बीमारी नहीं होता, लेकिन इसे हल्के में लेना भी सही नहीं है। अगर यह समस्या बार-बार हो रही है, तो समय रहते जांच और डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है। इससे PCOS, थायरॉयड जैसी समस्याओं और भविष्य में फर्टिलिटी से जुड़ी दिक्कतों से बचा जा सकता है।
नोट - यह जानकारी सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता के लिए है। किसी भी समस्या में डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें।