
हेल्थ डेस्क। वजन घटाने के लिए जरूरी नहीं कि हर दिन घंटों जिम में पसीना बहाया जाए। नियमित वॉकिंग भी फिटनेस बेहतर करने और वजन नियंत्रित रखने में मदद कर सकती है। इन दिनों 3-3-3 वॉकिंग मेथड की चर्चा हो रही है, जिसमें धीमी और तेज चाल से बारी-बारी से चला जाता है। इसका मकसद कम समय में चलने की तीव्रता बदलकर शरीर को सक्रिय रखना है।
हालांकि, इस तरीके को जापान के लोगों की पतली कमर या वजन घटाने का कोई जादुई फॉर्मूला मानना सही नहीं है। इंटरवल वॉकिंग के फायदे हो सकते हैं, लेकिन पेट की चर्बी घटाने या तेजी से वजन कम करने के दावों को समझने के लिए वैज्ञानिक प्रमाणों पर ध्यान देना जरूरी है।
इस तरीके में 3 मिनट सामान्य या आरामदायक गति से चलना और उसके बाद 3 मिनट तेज चाल से चलना शामिल है। इन दोनों चरणों को एक चक्र माना जाता है।
इसे इस तरह समझ सकते हैं-
शुरुआत करने वाले लोग अपनी फिटनेस के अनुसार गति और समय कम रख सकते हैं। अगर तेज चलने के दौरान बहुत ज्यादा सांस फूलने लगे, चक्कर आएं या सीने में दर्द हो, तो रुककर चिकित्सकीय सलाह लें।
ध्यान दें: 3-3-3 नाम से बताई जाने वाली इस 18 मिनट की दिनचर्या को जापान में वजन घटाने के लिए इस्तेमाल होने वाला कोई प्रमाणित, विशिष्ट राष्ट्रीय तरीका मानने के पर्याप्त आधार नहीं हैं। जापान में इंटरवल वॉकिंग पर शोध जरूर हुआ है, लेकिन उससे इस खास फॉर्मूले के सभी दावे साबित नहीं होते।
1. कैलोरी खर्च करने में मदद
तेज चाल से चलने में शरीर को आरामदायक गति की तुलना में अधिक ऊर्जा खर्च करनी पड़ सकती है। धीमी और तेज चाल के बीच बदलाव करने से वॉक की तीव्रता बढ़ाई जा सकती है। हालांकि, कुल कैलोरी खर्च आपकी गति, वजन, फिटनेस और वॉक की अवधि पर निर्भर करता है।
2. दिल की सेहत और स्टैमिना में सुधार
नियमित तेज चाल से चलना हृदय और फेफड़ों की कार्यक्षमता को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है। समय के साथ इससे सहनशक्ति बढ़ सकती है और रोजमर्रा के काम करना आसान हो सकता है।
3. पैरों की मांसपेशियों को सक्रिय रखना
चलने से पैरों और कूल्हों की मांसपेशियां काम करती हैं। तेज चाल के अंतराल से शरीर को थोड़ी अधिक मेहनत करनी पड़ सकती है। हालांकि, मांसपेशियों की ताकत बढ़ाने के लिए जरूरत के अनुसार स्ट्रेंथ ट्रेनिंग भी फायदेमंद है।
4. ब्लड प्रेशर और मेटाबॉलिक हेल्थ को सपोर्ट
नियमित शारीरिक गतिविधि ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में मदद कर सकती है। इसका असर व्यक्ति की मौजूदा सेहत, गतिविधि की मात्रा और दूसरे जीवनशैली संबंधी कारकों पर निर्भर करता है।
पेट के आसपास जमा चर्बी को केवल किसी खास एक्सरसाइज से चुनिंदा रूप से घटाना संभव नहीं है। शरीर में चर्बी कहां और कितनी कम होगी, यह कई कारकों पर निर्भर करता है।
वॉकिंग वजन नियंत्रित करने की योजना का उपयोगी हिस्सा हो सकती है, लेकिन केवल 18 मिनट चलने से पेट की चर्बी तेजी से घटने या लंबे समय तक कैलोरी बर्न होते रहने की गारंटी नहीं है। वजन घटाने के लिए नियमित शारीरिक गतिविधि, संतुलित आहार और पर्याप्त नींद का साथ जरूरी है।
वजन कम करने के लिए ऐसा खानपान अपनाना बेहतर है, जिसे लंबे समय तक जारी रखा जा सके। इसके लिए-
नींद की कमी और लंबे समय तक बना तनाव भूख, खाने की आदतों और वजन को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए नियमित समय पर सोना, पर्याप्त नींद लेना और योग, ध्यान या अन्य आरामदायक गतिविधियों के लिए समय निकालना मददगार हो सकता है।
अधिकांश वयस्कों के लिए हर रात 7 से 9 घंटे की नींद एक सामान्य लक्ष्य है। अगर कोई स्वास्थ्य समस्या, दवा या दूसरी परिस्थिति नींद को प्रभावित कर रही है, तो जरूरत के अनुसार विशेषज्ञ से सलाह लें।
अगर आप लंबे समय से सक्रिय नहीं रहे हैं, तो शुरुआत आरामदायक चाल से करें। धीरे-धीरे तेज चलने का समय बढ़ाएं और शरीर की क्षमता के अनुसार दिनचर्या बनाएं। घुटनों, टखनों या कमर में दर्द होने पर अपनी सुविधा के अनुसार गति कम करें और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से सलाह लें।
वजन घटाने के लिए सबसे जरूरी है नियमितता। 3-3-3 वॉकिंग मेथड आपके लिए सुविधाजनक हो सकता है, लेकिन इसे संतुलित खानपान, पर्याप्त नींद और रोजमर्रा की शारीरिक गतिविधि के साथ अपनाना ज्यादा उपयोगी रहेगा।
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