
हेल्थ डेस्क, नई दिल्ली। कार्तिक आर्यन को फिल्म ‘चंदू चैंपियन’ में उनके किरदार के लिए करियर का पहला नेशनल अवॉर्ड मिला। गुजरात के केवड़िया में हुई इस सेरेमनी ह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने उन्हें यह सम्मान दिया। वहीं, अवॉर्ड के साथ एक बार फिर फिल्म के लिए किया गया उनका फिजिकल ट्रांसफॉर्मेशन चर्चा में आ गया है।
फिल्म में कार्तिक ने पैरालंपिक गोल्ड मेडलिस्ट मुरलीकांत पेटकर का किरदार निभाया था। इस रोल के लिए एक्टर ने करीब 18 किलो वजन कम किया। साथ ही लंबे समय तक फिटनेस और ट्रेनिंग रूटीन पर काम किया। लेकिन ध्यान देने वाली बीत यह है कि किसी फिल्म के किरदार के लिए किया गया ऐसा ट्रांसफॉर्मेशन आम लोगों के लिए वजन घटाने का ब्लूप्रिंट नहीं हो सकता। तेजी से वजन कम करने का तरीका व्यक्ति की उम्र, वजन, शरीर, खान-पान और मेडिकल हिस्ट्री पर भी निर्भर करता है।
‘चंदू चैंपियन’ में कार्तिक ने एक ऐसे एथलीट की भूमिका निभाई, जिसकी जिंदगी संघर्ष और खेल उपलब्धियों से जुड़ी रही। किरदार के मुताबिक शरीर को ढालने के लिए उन्होंने वजन कम करने के साथ ट्रेनिंग और लाइफस्टाइल में भी बदलाव किया।
फिल्म के दो साल पूरे होने पर कार्तिक ने अपने एक्सपीरियंस को याद करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा था- मैनें 18 किलो वजन कम किए, उसके मुकाबले बहुत कुछ हासिल हुआ। यह तयारी सिर्फ शारिरिक बदलाव नहीं था।
कार्तिक के लिए यह तैयारी केवल डाइट या वजन कम करने तक सीमित नहीं थी। उन्हें मुरलीकांत पेटकर की शारीरिक क्षमता, अनुशासन और संघर्ष को समझना भी था। यही वजह है कि सेलिब्रिटी ट्रांसफॉर्मेशन को सिर्फ तराजू पर घटे किलो से आंकना सही नहीं है। किसी फिल्म के लिए एक्टर की ट्रेनिंग में फिटनेस, मसल्स, स्टैमिना, रिकवरी और किरदार की जरूरतों के अनुसार कई बदलाव शामिल हो सकते हैं।
यह हर व्यक्ति के लिए अलग होता है। 18 किलो वजन कम करना अपने आप में यह नहीं बताता कि तरीका सुरक्षित था या नहीं। इसके लिए यह जानना जरूरी है कि वजन कितने समय में, किस शुरुआती वजन से और किस मेडिकल निगरानी में कम किया गया।
CDC के मुताबिक, आमतौर पर धीरे-धीरे और लगातार वजन कम करने वाले लोगों में वजन लंबे समय तक बनाए रखने की संभावना तेजी से वजन घटाने वालों की तुलना में बेहतर होती है। CDC लगभग 1–2 पाउंड यानी करीब 0.5–0.9 किलो प्रति सप्ताह की गति को एक सामान्य संदर्भ के तौर पर बताता है। (CDC)
इसका मतलब यह नहीं कि हर व्यक्ति के लिए यही गति अनिवार्य है। वजन घटाने का सही लक्ष्य व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति और जरूरतों के अनुसार तय होना चाहिए।
बहुत कम समय में वजन घटाने के लिए अगर अत्यधिक कैलोरी restriction, लंबे समय तक खाना छोड़ना या जरूरत से ज्यादा exercise की जाए, तो शरीर पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।
तेजी से वजन घटने में मसल्स और पानी की कमी भी शामिल हो सकती है। लंबे समय तक पर्याप्त पोषण न मिलने पर थकान और पोषक तत्वों की कमी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
एक और महत्वपूर्ण जोखिम गॉलस्टोन यानी पित्त की पथरी का है। अमेरिकी National Institute of Diabetes and Digestive and Kidney Diseases के अनुसार तेजी से वजन कम करने से gallstones बनने की संभावना बढ़ सकती है। (NIDDK)
फिल्मों के लिए कलाकारों की तैयारी अक्सर उनकी भूमिका के हिसाब से बनाई जाती है। इसमें ट्रेनर, न्यूट्रिशन एक्सपर्ट और जरूरत पड़ने पर मेडिकल प्रोफेशनल की निगरानी शामिल हो सकती है।
इसलिए किसी अभिनेता को देखकर अचानक वही डाइट, फास्टिंग रूटीन या वर्कआउट शुरू करना सही नहीं है। एक ही वजन घटाने की रणनीति हर व्यक्ति पर एक जैसा असर नहीं करती।
स्वस्थ वजन प्रबंधन सिर्फ वजन कम करने पर निर्भर नहीं करता। संतुलित और पर्याप्त पोषण, नियमित शारीरिक गतिविधि, पर्याप्त नींद और लंबे समय तक कायम रखे जा सकने वाले हैबिट ज्यादा महत्वपूर्ण हैं। CDC भी हेल्दी वेट मैनेजमेंट में न्यूट्रिशन, फिजिकल एक्टिविटी, स्लीप और स्ट्रेस मैनेजमेंट को महत्वपूर्ण मानता है। (CDC)
व्यायाम में एरोबिक एक्टिविटी के साथ जरूरत के अनुसार स्ट्रेंथ ट्रेनिंग शामिल करना भी उपयोगी हो सकता है। CDC वयस्कों के लिए सप्ताह में कम से कम 150 मिनट मॉडरेट इंटेंसिटी एक्सरसाइज और कम से कम दो दिन मसल स्ट्रेथ एक्टिविटी की सलाह देता है।