
लाइफस्टाइल डेस्क। करवाचौथ को लेकर बाजार में खरीदारी का रंग चढ़ने लगा है। इस बार महिलाओं के बीच रेडीमेड साड़ियों और पोशाकों का चलन बढ़ा है, वहीं ज्वैलरी में भारी गहनों के बजाय हल्की और रोजाना इस्तेमाल की जा सकने वाली डिजाइन पसंद की जा रही हैं। कपड़ों के बाजार में शिफान और बनारसी साड़ियों की मांग अधिक है। लाल, रानी और नारंगी समेत करीब 15 रंग महिलाओं की पसंद बने हुए हैं। खास बात यह है कि इस बार युवतियां भी करवाचौथ की खरीदारी और तैयारियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही हैं। कारोबारियों के मुताबिक, साड़ियों से लेकर ज्वैलरी तक बाजार में पिछले साल की तुलना में वृद्धि देखने को मिल रही है।

बहूरानी साड़ी शोरूम के संचालक अजय झंवल के अनुसार, पिछले साल करवाचौथ पर साड़ियों का कारोबार करीब 175 करोड़ रुपये रहा था। इस बार इसके बढ़कर 200 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। उनके मुताबिक, पिछले साल की तुलना में करीब 15 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई है। बाजार में दो हजार रुपये से लेकर 80 हजार रुपये तक की साड़ियां उपलब्ध हैं। बजट के अनुसार खरीदारी करने वाली महिलाओं के लिए किफायती विकल्प भी हैं, जबकि खास अवसर के लिए महंगी और डिजाइनर साड़ियों की मांग भी बनी हुई है।

इस बार रेडीमेड साड़ियों और पोशाकों का चलन बढ़ने से महिलाओं को कपड़े तैयार कराने के लिए अलग से समय नहीं देना पड़ रहा है। शिफान की साड़ियों के साथ बनारसी साड़ियां भी पसंद की जा रही हैं। रंगों में पारंपरिक लाल के अलावा रानी और नारंगी जैसे रंगों की मांग है। करीब 15 रंगों के विकल्प उपलब्ध होने से महिलाएं अपनी पसंद और पहनावे के अनुसार खरीदारी कर रही हैं। युवतियों की बढ़ती भागीदारी भी बाजार के लिए नया रुझान है।
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करवाचौथ की खरीदारी में पारंपरिक रंग और परिधान अपनी जगह बनाए हुए हैं, लेकिन ग्राहकों की पसंद में उपयोगिता और बजट का महत्व बढ़ा है। जहां साड़ियों में डिजाइन, रंग और रेडीमेड विकल्प आकर्षित कर रहे हैं, वहीं ज्वैलरी में हल्के और बहुउपयोगी गहनों को प्राथमिकता दी जा रही है। कारोबारियों के अनुसार, त्योहार की खरीदारी से दोनों बाजारों को गति मिलने की उम्मीद है।