सोते समय गर्दन को सही सपोर्ट देने वाला तकिया इस्तेमाल ना करने के कितने साइड इफेक्ट हो सकते हैं, जानकर होंगे हैरान
शरीर में कैल्शियम और विटामिन डी की कमी से हड्डियां कमजोर हो रही हैं और ज्यादातर मरीजों की जांच रिपोर्ट में विटामिन बी12, विटामिन डी, कैल्शियम की कमी सामने आ रही है।
Publish Date: Sat, 31 Oct 2026 04:31:09 PM (IST)Updated Date: Sat, 31 Oct 2026 04:36:55 PM (IST)
आरामदायक तकिया।HighLights
- गर्दन में दर्द से जूझ रहे युवा, पोश्चर और पोषण की कमी से बढ़ रही समस्या।
- इसके पीछे वजह गलत पोश्चर अपनाना और पोषण की कमी नजर आ रही है।
- जांच रिपोर्ट में विटामिन बी12, विटामिन डी, कैल्शियम की कमी आ रही है।
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। शहर का युवा इन दिनों गर्दन से जुड़ी समस्याओं से जूझता दिख रहा है। बीते तीन महीनों में एमवाय अस्पताल के फिजियोथेरेपी विभाग में 25 से 35 वर्ष की उम्र के मरीजों की संख्या में दस प्रतिशत का इजाफा हुआ है। इनमें लगभग 150 कामकाजी युवतियां और महिलाएं, 40 पुरुष और 50 बच्चे शामिल हैं। खासतौर पर कामकाजी महिलाओं में गर्दन के दर्द से जुड़ी समस्याएं जैसे स्पोंडलाइटिस, गर्दन में अकड़न और लगातार दर्द की स्थिति बनी हुई है। विशेषज्ञों के अनुसार इसके पीछे की बड़ी वजह गलत पोश्चर अपनाना और पोषण की कमी नजर आ रही है।
![naidunia_image]()
लैपटाॅप पर घंटों काम कर रहे युवा
लैपटाॅप पर घंटों तक काम करना मुसीबत का सबब बन गया है, इससे गर्दन संबंधी समस्याओं में इजाफा हुआ है। इसके साथ ही हड्डियों की कमजोरी भी इसकी वजह बन रही है।
शरीर में कैल्शियम और विटामिन डी की कमी से हड्डियां कमजोर हो रही हैं और ज्यादातर मरीजों की जांच रिपोर्ट में विटामिन बी12, विटामिन डी, कैल्शियम की कमी सामने आ रही है।
बता दें कि हड्डियों को मजबूती देने के लिए कैल्शियम के साथ ही विटामिन डी भी पर्याप्त होना जरूरी है, क्योंकि विटामिन डी की मदद से ही कैल्शियम का अवशोषण होता है। गर्दन दर्द के साथ ही महिलाओं में कमर दर्द, घुटनों के दर्द और कंधे के दर्द की शिकायतों में भी इजाफा हुआ है।
फिजियोथेरेपी विभाग के Dr. मनीष गोयल का कहना है कि गलत पोश्चर के साथ ही पर्याप्त पोषण न मिलने से युवाओं में इस तरह की समस्याएं बढ़ रही हैं। ऐसे में सही दिनचर्या और पोषणयुक्त खान-पान अपनाना जरूरी है।
रातोंरात बदल जाएगी किस्मत! जानें तकिये के नीचे काली मिर्च रखकर सोने के चमत्कारी फायदे
क्या करें
- मोबाइल और लैपटाॅप इस्तेमाल करते समय गर्दन को सीधा रखें। स्क्रीन आंखों के स्तर पर हो।
- हर 30-40 मिनट में काम से ब्रेक लें और गर्दन व कंधों की हल्की स्ट्रेचिंग करें।
- रोजाना गर्दन, कंधों और पीठ की मांसपेशियों को मजबूत करने वाले व्यायाम करें।
- लंबे समय तक एक ही पोजिशन में बैठने से बचें।
- सोते समय गर्दन को सही सपोर्ट देने वाला तकिया इस्तेमाल करें।
- भोजन में प्रोटीन, कैल्शियम, विटामिन डी और बी12 से भरपूर चीजें शामिल करें।
- लगातार दर्द रहने पर फिजियोथेरेपिस्ट से जांच करवाएं।
क्या न करें
- मोबाइल देखते समय गर्दन को लगातार नीचे झुकाकर न रखें।
- पेट के बल सोने और बहुत ऊंचा तकिया लगाने से बचें।
- लंबे समय तक बिना ब्रेक कंप्यूटर या मोबाइल पर काम न करें।
- गर्दन में दर्द होने पर अचानक झटके से गर्दन न घुमाएं।
- बिना विशेषज्ञ की सलाह के गर्दन की तेज मसाज या मैन्युअल मैनिपुलेशन न करवाएं।
- दर्द को नजरअंदाज कर भारी वजन उठाने या कठिन व्यायाम करने से बचें।