
लाइफस्टाइल डेस्क। मध्य प्रदेश के प्राकृतिक सौंदर्य, धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत ने देश-दुनिया के सैलानियों को अपनी ओर आकर्षित किया है। मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, पिछले तीन सालों में राज्य में घरेलू पर्यटकों और श्रद्धालुओं की संख्या में दोगुने से भी अधिक की रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
साल 2023 में जहां देश के विभिन्न राज्यों से 11.19 करोड़ पर्यटक मध्य प्रदेश पहुंचे थे, वहीं 2024 में यह संख्या बढ़कर 13.39 करोड़ और साल 2025 में उछाल मारकर 21.5 करोड़ के आंकड़े को पार कर गई। केवल 2024 और 2025 के बीच ही सैलानियों की संख्या में 7.64 करोड़ का भारी इजाफा देखने को मिला है।
राज्य में पर्यटन में आए इस ऐतिहासिक उछाल के पीछे धार्मिक पर्यटन (Spiritual Tourism) की सबसे बड़ी भूमिका रही।
आरामदायक एवं अवकाश पर्यटन (Leisure Tourism) के क्षेत्र में राज्य के प्रमुख शहरों ने शानदार प्रदर्शन किया। देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर ने 173.8% की ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज करते हुए 2.80 करोड़ पर्यटकों की मेजबानी की। भोपाल ने 10.72% की वृद्धि के साथ 24.62 लाख सैलानियों का स्वागत किया। वहीं, जबलपुर में 23.94 लाख पर्यटक पहुंचे।
वन्यजीव पर्यटन (Wildlife Tourism) में राज्य के पारंपरिक टाइगर रिजर्व्स सैलानियों की पहली पसंद बने रहे, जबकि कूनो में चीतों का आकर्षण उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। मढ़ई (नर्मदापुरम) में 4.36 लाख, पन्ना में 4.03 लाख, कान्हा में 2.55 लाख और बांधवगढ़ में 1.99 लाख वन्यजीव प्रेमी पहुंचे।
वहीं, देश का एकमात्र चीता अभयारण्य होने के बावजूद साल 2025 में यहां मात्र 6,316 सैलानी पहुंचे, जिनमें विदेशी पर्यटकों की संख्या केवल 45 रही।
मांडू में 8.27 लाख और खजुराहो में 5.47 लाख सैलानी पहुंचे। वहीं, मध्य प्रदेश का एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी अपना पुराना आकर्षण खोता नजर आ रहा है। साल 2023 में जहां 4.01 लाख सैलानी पचमढ़ी पहुंचे थे, वहीं 2024 में यह संख्या घटकर 2.88 लाख रह गई। साल 2025 में थोड़ा सुधार होकर आंकड़ा 3.11 लाख पहुंचा, परंतु यह 2023 के स्तर से काफी कम है। 2025 में यहां केवल 162 विदेशी पर्यटक आए।
जहां एक ओर घरेलू पर्यटकों की संख्या में बंपर बढ़ोतरी हुई है, वहीं अंतर्राष्ट्रीय (विदेशी) सैलानियों का आंकड़ा लगभग स्थिर बना हुआ है। साल 2023 में 1,82,728 विदेशी पर्यटक मध्य प्रदेश आए थे, जो 2025 में मामूली अंतर के साथ 1,83,035 दर्ज किए गए।
विदेशी मेहमानों के लिए ऐतिहासिक नगर खजुराहो पहली पसंद रहा, जहां लगभग 33,000 विदेशी सैलानी पहुंचे। इसके बाद बांधवगढ़ में 31,390 विदेशी पर्यटकों ने भ्रमण किया।