रोज 5 ग्राम नमक की मात्रा फिक्स करें, फलों का ज्यूस नहीं साबुत फल खाएं, बढ़ेगी दिल की उम्र
प्रतिदिन नमक की मात्रा पांच ग्राम से कम रखें। मीठे पेय, अतिरिक्त चीनी, तली हुई और अत्यधिक प्रोसेस्ड चीजों का सेवन सीमित करें। फलों का जूस पीने के बजाय...और पढ़ें
Publish Date: Mon, 12 Oct 2026 02:55:13 PM (IST)Updated Date: Mon, 12 Oct 2026 03:13:09 PM (IST)
दिल को सेहतमंद रखने के तरीके।HighLights
- इसके साथ सप्ताह में दो दिन हल्का शक्ति प्रशिक्षण भी करें।
- लंबे समय तक लगातार बैठने से बचें। बीच-बीच में उठकर चलें।
- रक्तचाप, कोलेस्ट्रॉल, ट्राइग्लिसराइड और ब्लड शुगर जांच कराएं।
लाइफस्टाइल डेस्क। दिल को स्वस्थ रखने के लिए किसी एक उपाय पर निर्भर रहने के बजाय रोजमर्रा की आदतों में सुधार करना जरूरी है। संतुलित खानपान, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद और तनाव पर नियंत्रण हृदय रोगों का खतरा कम करने में मदद करते हैं। धूम्रपान से दूरी और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच भी दिल की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।
भोजन में यह शामिल करें
भोजन में हरी सब्जियां, फल, दालें, साबुत अनाज, बिना नमक वाले मेवे और जैतून के तेल जैसे स्वस्थ वसा वाले विकल्प शामिल करें। मछली का सेवन भी उपयोगी हो सकता है। प्रतिदिन नमक की मात्रा पांच ग्राम से कम रखें। मीठे पेय, अतिरिक्त चीनी, तली हुई और अत्यधिक प्रोसेस्ड चीजों का सेवन सीमित करें। फलों का जूस पीने के बजाय साबुत फल खाएं और वजन नियंत्रित रखने का प्रयास करें।
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हर सप्ताह 150 से 300 मिनट तेज चलें
- हर सप्ताह 150 से 300 मिनट तेज चाल से चलना, तैरना या अन्य मध्यम गतिविधि करना फायदेमंद है।
- इसके साथ सप्ताह में दो दिन हल्का शक्ति प्रशिक्षण भी करें।
- लंबे समय तक लगातार बैठने से बचें और बीच-बीच में उठकर चलें।
- रक्तचाप, कोलेस्ट्रॉल, ट्राइग्लिसराइड और ब्लड शुगर की नियमित जांच कराएं।
- डाॅ. दीपक परमार, एमडी, मेडिसिन का कहना है किजरूरत के अनुसार एचबीए1सी जांच भी कराएं।
- डॉक्टर की सलाह से व्यक्तिगत लक्ष्य तय करें और निर्धारित दवाएं नियमित लें।
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रोज सात से नौ घंटे की नींद लें
- धूम्रपान और परोक्ष धूम्रपान से बचें तथा रोज सात से नौ घंटे की नींद लें।
- ध्यान, गहरी सांसें और अपनों से बातचीत तनाव कम करने में मददगार हैं।
- सीने में दबाव या दर्द, अचानक पसीना, सांस फूलना, मितली अथवा दर्द का बांह, पीठ, गर्दन या जबड़े तक फैलना हार्ट अटैक के संकेत हो सकते हैं।
- ऐसी स्थिति में तुरंत 112 पर कॉल करें और स्वयं गाड़ी चलाकर अस्पताल न जाएं।
- एस्पिरिन केवल आपातकालीन चिकित्सकीय सलाह पर लें।
- इलाज में देरी न करें और बिना डॉक्टर की सलाह रोज एस्पिरिन शुरू न करें।
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