
हेल्थ डेस्क। हर साल अक्टूबर में ब्रेस्ट कैंसर अवेयरनेस मंथ मनाया जाता है। इस दौरान गुलाबी रिबन, स्क्रीनिंग और शुरुआती लक्षणों को पहचानने पर जोर दिया जाता है। लेकिन इस चर्चा का एक अहम पहलू अक्सर छूट जाता है- ब्रेस्ट कैंसर पुरुषों को भी हो सकता है।
WHO के अनुसार, दुनिया में ब्रेस्ट कैंसर के कुल मामलों में लगभग 0.5 से 1 % मामले पुरुषों में होते हैं। पुरुषों में यह बीमारी दुर्लभ है, लेकिन इसके लक्षणों की जानकारी कम होने के कारण कई बार इसकी पहचान में देरी हो सकती है।
पुरुषों में भी ब्रेस्ट टिश्यू मौजूद होता है। इसी टिश्यू की कोशिकाओं में कैंसर विकसित हो सकता है। इसलिए छाती में कोई नई गांठ, निप्पल में बदलाव या असामान्य सूजन दिखाई देने पर उसे सामान्य मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
पुरुषों में ब्रेस्ट कैंसर के मामले महिलाओं की तुलना में काफी कम होते हैं। यही वजह है कि कई पुरुष छाती में होने वाले बदलावों को कैंसर से जोड़कर नहीं देखते। कुछ मामलों में बीमारी के शुरुआती संकेतों को नजरअंदाज किया जा सकता है या डॉक्टर के पास जाने में देर हो सकती है।
प्लास्टिक सर्जन के मुताबिक, पुरुषों में ब्रेस्ट कैंसर दुर्लभ होने के कारण मरीजों और डॉक्टरों, दोनों के लिए शुरुआत में इस बीमारी की आशंका करना मुश्किल हो सकता है। उन्होंने बताया कि पुरुषों में इसके ज्यादातर मामले अधिक उम्र में सामने आते हैं, हालांकि कम उम्र के पुरुषों में भी यह बीमारी हो सकती है।
पुरुषों में ब्रेस्ट कैंसर का जोखिम उम्र बढ़ने के साथ बढ़ता है। कई मामलों की पहचान 60 से 70 साल की उम्र के बीच होती है। हालांकि, केवल उम्र के आधार पर यह तय नहीं किया जा सकता कि किसी व्यक्ति को यह बीमारी होगी या नहीं।
पुरुषों की छाती में गांठ या आकार में बदलाव होने के कई कारण हो सकते हैं। इनमें गाइनेकोमैस्टिया (Gynecomastia) एक आम स्थिति है। इसमें पुरुषों के ब्रेस्ट टिश्यू का आकार बढ़ जाता है।
गाइनेकोमैस्टिया के पीछे हार्मोन में बदलाव, बढ़ती उम्र, कुछ दवाएं और कुछ स्वास्थ्य समस्याएं जिम्मेदार हो सकती हैं। यह स्थिति अपने आप में ब्रेस्ट कैंसर नहीं है। हालांकि, छाती में नई गांठ या असामान्य बदलाव को बिना जांच के गाइनेकोमैस्टिया मान लेना भी सही नहीं है। सही कारण जानने के लिए डॉक्टर की जांच जरूरी है।
छाती में होने वाले इन बदलावों पर ध्यान देना जरूरी है-
इनमें से कोई लक्षण दिखने का मतलब यह नहीं कि कैंसर ही है। लेकिन अगर बदलाव नया है, बना रहता है या बढ़ रहा है, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।
अगर छाती में नई गांठ, निप्पल से खून निकलने, स्किन में बदलाव या बगल में गांठ जैसे लक्षण दिखाई दें, तो जल्द डॉक्टर से संपर्क करें। दर्द न होने पर भी गांठ को नजरअंदाज न करें।
डॉक्टर शारीरिक जांच के बाद जरूरत के अनुसार इमेजिंग टेस्ट या बायोप्सी की सलाह दे सकते हैं। जांच का तरीका लक्षणों और व्यक्ति की स्थिति पर निर्भर करता है।
ब्रेस्ट कैंसर के बारे में जागरूकता का मतलब हर बदलाव से डरना नहीं, बल्कि सही समय पर उसे पहचानना और उसकी जांच कराना है। पुरुषों में यह बीमारी भले ही दुर्लभ हो, लेकिन समय पर पहचान और इलाज के लिए लक्षणों की जानकारी बेहद जरूरी है।