पुरुषों में भी स्तन कैंसर हो सकता है, गांठ या बदलाव को नजरअंदाज न करें, जांच ही बचाव
स्तन या बगल में गांठ, स्तन के आकार में बदलाव, त्वचा में परिवर्तन या निप्पल से असामान्य स्राव जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत जांच कराएं। हर गांठ कैंसर नहीं होती, पर जांच जरूरी है। विशेषज्ञों का कहना है कि जागरूकता का मतलब सिर्फ लक्षण जानना नहीं है।
Publish Date: Fri, 23 Oct 2026 06:40:58 PM (IST)Updated Date: Fri, 23 Oct 2026 06:47:11 PM (IST)
पुरुषों में भी स्तन कैंसरHighLights
- विशेषज्ञों का कहना है कि जागरूकता का मतलब सिर्फ लक्षण जानना नहीं है।
- सही जांच, जोखिम का आकलन, परिवार का भावनात्मक सहारा भी शामिल है।
- पुरुषों में भी स्तन कैंसर हो सकता है, इस बारे में भी जानकारी होना जरूरी है।
नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। अक्टूबर को स्तन कैंसर जागरूकता माह के रूप में मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में शहर के दो बड़े मेडिकल संस्थानों गांधी मेडिकल कालेज और एम्स भोपाल में जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इसका मकसद महिलाओं को समय पर जांच और इलाज के प्रति जागरूक करना है।
एम्स भोपाल में डाॅक्टरों ने बताया कि स्तन या बगल में गांठ, स्तन के आकार में बदलाव, त्वचा में परिवर्तन या निप्पल से असामान्य स्राव जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत जांच कराएं। हर गांठ कैंसर नहीं होती, पर जांच जरूरी है। विशेषज्ञों का कहना है कि जागरूकता का मतलब सिर्फ लक्षण जानना नहीं है।
इसमें सही जांच, जोखिम का आकलन और परिवार का भावनात्मक सहारा भी शामिल है। पुरुषों में भी स्तन कैंसर हो सकता है, इस बारे में भी जानकारी होना जरूरी है।
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समाज में स्तन कैंसर को लेकर कई भ्रांतियां
- गांधी चिकित्सा महाविद्यालय के जनरल सर्जरी विभाग ने 15 अक्टूबर को स्तन कैंसर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया।
- मुख्य अतिथि के रूप में एम्स गुवाहाटी के कार्यकारी निदेशक डाॅ. अशोक पुराणिक मौजूद रहे। विशेष अतिथि के रूप में केजीएमयू लखनऊ के प्रोफेसर डा. अभिनव ए. सोनकर और हमीदिया अस्पताल के संचालक डाॅ. सुनीत टंडन शामिल हुए। डाॅ. अरविंद राय ने स्वागत उद्बोधन दिया।डाॅ.
- कार्यक्रम में डाॅ. अनुराधा चौधरी, डाॅ. लवली कौशल, डाॅ. हामिद गौरी, डाॅ. मनीष सूल्या और डाॅ. प्रतीक ने बताया कि समाज में स्तन कैंसर को लेकर कई भ्रांतियां हैं, जिन्हें दूर करना जरूरी है।
- इस दौरान मेडिकल, नर्सिंग और टेक्नीशियन छात्रों के लिए पोस्टर प्रतियोगिता रखी गई। वीडियो और नृत्य प्रस्तुति के जरिए नियमित जांच का संदेश दिया गया।