
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। दीपावली के त्योहार पर मिठाई, मावा, घी और खाद्य तेल की मांग बढ़ने के साथ ही मिलावट का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे में जरूरी है कि उपभोक्ता मिलावटी खाद्य पदार्थों की पहचान, उनसे होने वाले स्वास्थ्य संबंधी नुकसान और शिकायत करने की प्रक्रिया के बारे में जागरूक रहें।
घर पर किन सामान्य तरीकों से मिलावट का शुरुआती संकेत मिल सकता है, किन परिस्थितियों में खाद्य विभाग से जांच करानी चाहिए और शिकायत मिलने पर विभाग क्या कार्रवाई करता है?
इन सवालों के जवाब जानने के लिए हेलो नईदुनिया कार्यक्रम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी लोकेन्द्र सिंह ने पाठकों से संवाद किया और उनके सवालों के जवाब दिए।
सवाल : दीपावली पर मावा का उपयोग बहुत होता है इसकी जांच घर पर कैसे करें? ( विनोद दुबे, माडल टाउन)
जवाब : जब हम किसी डेयरी से मावा लेकर आते हैं और संदेह हो कि उसमें मिलावट हो सकती है तो घर पर इसे जांच सकते हैं। मेडिकल स्टोर से टिंचर आयोडिन का एक जांच किट लेकर आएं। कुछ 5 ग्राम मावा को तेज गर्म किए गए 10 से 15 एमएल पानी में मिलाएं और उसको ठंडा होने दें। इसके बाद इसमें टिंचर आयोडिन मिलाएं। यदि मिश्रण का रंग नीला या काला पड़ता है तो उसमें स्टार्च की मिलावट पुष्ट होती है। यदि संदेह है कि हानिकारक केमिकल हो सकते हैं तो इसकी जांच विभाग की चलित लैब से करवा सकते हैं।
सवाल : मिलावटी मावा पनीर में हानिकारक पदार्थ हैं इसकी जांच कैसे कर सकते हैं? ( छोटे सिंह सेंगर, डीआरपी लाइन )
जवाब :मावे या पनीर में असामान्य गंध, रंग, चिपचिपापन अथवा फफूंद दिखाई देने पर उसका सेवन न करें। केवल स्वाद, रंग या बनावट के आधार पर शुद्धता तय नहीं की जा सकती। यूरिया, डिटर्जेंट और अन्य रासायनिक मिलावट की पहचान घरेलू परीक्षण से करना सुरक्षित या विश्वसनीय नहीं है। मिलावट का संदेह होने पर खाद्य सुरक्षा विभाग से संपर्क करें। विभाग नमूना लेकर प्रयोगशाला में जांच करा सकता है। खरीदारी का बिल और पैकेट उपलब्ध हो तो सुरक्षित रखें, ताकि शिकायत के दौरान मदद मिल सके।

सवाल : हमारे क्षेत्र में कई डेयरी हैं जो कम दाम में मावा,घी,दूध और पनीर उपलब्ध करवा रहे हैं इसकी जांच कैसे करवा सकते हैं? (राजकुमार सिसोदिया, गदईपुरा )
जवाब : इस प्रकार की कई डेयरियां हैं शहर में जो निम्न गुणवत्ता के डेयरी उत्पादों को कम कीमत पर बेचते हैं। विभाग द्वारा इन पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। यदि आपको लगता है कि किसी दुकान पर घटिया या मिलावटी सामग्री मिल रही है तो आप उसकी शिकायत सीधा खाद्य विभाग को ,कलेक्ट्रेट आकर फूड सेफ्टी अधिकरी को या फिर एफएसएसएआई की आधिकारिक वेबसाइट पर दर्ज करवा सकते हैं। आपकी पहचान को गोपनीय रखते हुए विभाग तत्काल आपकी शिकायत पर संज्ञान लेता है और बताई गई दुकान पर सेंपल लेकर कार्रवाई करते हैं।
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सवाल : दूध में मिलावट सबसे अधिक होती है इसको पहचानने का कोई तरीका है ?(राजकुमार दुबे,डीडी नगर)
जवाब :दूध में प्राथमिक तौर पर पानी की मिलावट को आंका जा सकता है इसके लिए लेक्टोमीटर का उपयोग कर सकते हैं। एक बर्तन में दूध को लेकर उसमें लेक्टोमीटर डाल कर देख सकते हैं कि दूध में कितना पानी है। यदि दूध में डिटर्जेंट, यूरिया या कोई अन्य कैमिकल मिले होने की आशंका है तो उस स्थिति में दूध के सेंपल की लैब में जांच करवाना ही सबसे सटीक रहेगा। विभाग से संपर्क कर अपने घर ही चलित लैब को मंगवा कर जांच करवा सकते हैं।

सवाल : पनीर मे मिलावट आ रही है घर पर कैसे पहचान सकते हैं? (मनीष कुमार, माधवगंज )
जवाब :पनीर में स्टार्च की मिलावट का पता लगाने के लिए आयोडीन परीक्षण किया जा सकता है। पनीर का एक छोटा टुकड़ा पानी में उबालें और ठंडा होने दें। इसके बाद उपयुक्त आयोडीन अभिकर्मक की कुछ बूंदें डालें। यदि पनीर नीला या नीला-काला हो जाए, तो उसमें स्टार्च होने का संकेत मिल सकता है। हालांकि, इससे मिलावट की अंतिम पुष्टि नहीं होती। पनीर को तोड़कर भी पहचान सकते हैं, यदि टूट कर रबड की तरह खिंच रहा है तो मिलावटी है यदि आसानी से मसलने से फूट रहा है और उसमें हल्की नमी है तो पनीर ठीक है। शेष विस्तृत जांच के लिए चलित लैब से मदद ले सकते हैं।