
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। दीपावली पर मिठाई, मावा, घी और खाद्य तेल खरीदते समय लोगों की सेहत से खिलवाड़ न हो, इसके लिए खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने मिलावटखोरों पर शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है। त्योहार के दौरान मिठाई-नमकीन बनाने से लेकर खाद्य सामग्री के भंडारण और बिक्री तक पर नजर रखी जाएगी।
संदिग्ध या अमानक खाद्य पदार्थ मिलने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर शिवम वर्मा ने अधिकारियों को दीपावली के मद्देनजर विशेष निगरानी रखने और जांच अभियान तेज करने के निर्देश दिए हैं।
खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर शनिवार को हुई जिला स्तरीय सलाहकार समिति की बैठक में दीपावली के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। कलेक्टर ने विभागीय कार्रवाई की समीक्षा करते हुए होटल, रेस्टोरेंट, स्कूलों, हास्टलों और आंगनबाड़ी केंद्रों की रसोई में भी खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, स्वच्छता और निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हिमांशु प्रजापति सहित संबंधित अधिकारी मौजूद थे।
खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने 1 अप्रैल से 30 सितंबर तक जिले में 965 निरीक्षण किए और 2051 खाद्य नमूने जांच के लिए। इनमें 834 लीगल और 1212 सर्विलांस नमूने शामिल हैं। इस अवधि में विभिन्न उल्लंघनों के 38 प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत किए गए। इनमें से 20 मामलों में फैसला आया और सभी में दोष सिद्ध होने पर कुल 50 लाख रुपए का अर्थदंड लगाया गया।
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वित्तीय वर्ष 2026-27 में दूध एवं दुग्ध उत्पादों, घी, तेल और पेय पदार्थों के विरुद्ध कार्रवाई के दौरान करीब 31 हजार किलोग्राम खाद्य सामग्री जब्त की गई। इसकी अनुमानित कीमत 86 लाख रुपए बताई गई है। गंभीर अनियमितताएं मिलने पर संबंधित प्रतिष्ठानों में कार्रवाई करते हुए खाद्य कारोबार बंद कराने सहित वैधानिक कदम भी उठाए गए। मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब से 2563 नमूनों का मौके पर परीक्षण किया गया।