नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। बरसात के बाद शहर में बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। डेंगू, मलेरिया और वायरल फीवर के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। मच्छरों की तादाद बढ़ने और जल भराव की वजह से बीमारियां तेजी से फैल रही हैं। नगर निगम द्वारा फागिंग और सफाई अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन कई इलाकों में हालात अब भी खराब हैं।
जेपी अस्पताल, हमीदिया और खान शाकिर अली गैस राहत अस्पताल में बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। संदिग्ध बुखार के 500 से ज्यादा मामले जेपी अस्पताल में इस हफ्ते डेंगू और वायरल बुखार के 300 से ज्यादा मरीज ओपीडी में पहुंचे हैं। हमीदिया अस्पताल में 200 से ज्यादा मरीजों की रिपोर्ट जांच के लिए भेजी गई है।
गैस राहत अस्पताल में भी प्रतिदिन 80 से 100 मरीज बुखार की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। मलेरिया कार्यालय के मुताबिक, एक सप्ताह में शहर में संदिग्ध बुखार के 500 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। इनमें से कई मरीजों में डेंगू के एक मामला सामने आया है जबकि मलेरिया की पुष्टि नहीं हुई है।
जेपी अस्पताल के एमडी मेडिसिन डॉ. योगेंद्र श्रीवास्तव का कहना है कि बरसात के मौसम में वायरल और मच्छर जनित रोगों का फैलाव सामान्य है। लोग बुखार, सिरदर्द और कमजोरी को हल्के में न लें और समय पर जांच करवाएं। जेपी अस्पताल के सिविल सर्जन डा. राकेश श्रीवास्तव ने बताया कि अस्पताल में डेंगू की जांच के लिए विशेष किट्स मंगाई गई हैं और एक अलग वार्ड भी तैयार किया गया है। रोजाना 100 से अधिक मरीज बुखार की शिकायत लेकर आ रहे हैं।
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सीएमएचओ डॉ. मनीष शर्मा ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग लगातार निगरानी कर रहा है। सभी सरकारी अस्पतालों में जांच व इलाज की पूरी सुविधा है। नागरिकों से अपील है कि घरों में पानी जमा न होने दें और मच्छरदानी का उपयोग करें। लोग पूरी बांह के कपड़े पहनें, घर के आसपास पानी जमा न होने दें, कूलर और गमलों की नियमित सफाई करें और बुखार आने पर खुद से दवा लेने की बजाय डाक्टर से सलाह लें।