बच्चों में तेजी से बढ़ रही मायोपिया की समस्या, बढ़ती स्क्रीन टाइम इसकी सबसे बड़ी वजह, 20-20-20 रूल से हो सकता है बचाव
बच्चों में बढ़ते स्क्रीन टाइम और घर के अंदर रहने से मायोपिया की समस्या तेजी से बढ़ रही है। इससे बचाव के लिए 20-20-20 नियम और रोजाना बाहर धूप में खेलना...और पढ़ें
By Akriti KumariEdited By: Akriti Kumari
Publish Date: Sun, 02 Aug 2026 01:43:04 PM (IST)Updated Date: Sun, 02 Aug 2026 01:43:04 PM (IST)
बच्चों में तेजी से बढ़ रही मायोपिया की समस्या से बचाव के लिए डिजिटल स्क्रीन टाइम कम करना जरूरी।(AI जनरेटेड)HighLights
- स्क्रीन टाइम के कारण छोटे बच्चों में मायोपिया के मामले बढ़ रहे हैं
- मायोपिया में आईबॉल लंबा होने से दूर की चीजें धुंधली दिखाई देती हैं
- 20-20-20 नियम और रोजाना धूप में खेलने से आंखों को सेफ रखें
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। बदलती जीवनशैली और डिजिटल गैजेट्स के बढ़ते इस्तेमाल से बच्चों में मायोपिया तेजी से फैस रहा है। यह आंख से जुड़ी एक समस्या है।
कई आई स्पेशलि के अनुसार, मायोपिया (Myopia) वर्तमान में बच्चों की आंखों से जुड़ी सबसे बड़ी चुनौती बन गई है। पहले यह समस्या आमतौर पर किशोरावस्था (Teenage) में देखी जाती थी। लेकिन अब छोटे बच्चों में भी इसके मामले तेजी से सामने आ रहे हैं।
क्या है मायोपिया?
माइोपिया में आंख के डोले (Eyeball) की लंबाई सामान्य से अधिक बढ़ जाती है। इसके कारण दूर की चीजें धुंधली दिखाई देती हैं, जबकि पास की चीजें साफ नजर आती हैं। डॉक्टर के अनुसार, चश्मा लगाने से देखने की क्षमता (Vision) तो ठीक हो जाती है, लेकिन आंख की बढ़ती लंबाई नहीं रुकती। यदि इस पर समय रहते ध्यान न दिया गया, तो आगे चलकर रेटिना की बीमारियां, मोतियाबिंद (Cataract) और स्थायी अंधापन का खतरा बढ़ सकता है।
मायोपिया बढ़ने के मुख्य कारण
बच्चों में मायोपिया के केसेज बढ़ने के कई कारण हो सकते हैं, जैसे-
- मोबाइल, टैबलेट और कंप्यूटर स्क्रीन का अत्यधिक इस्तेमाल।
- लंबे समय तक लगातार बिना ब्रेक के पढ़ाई या पास का काम करना।
- बच्चों का मैदानी खेलों से दूर रहकर घर के अंदर ही अधिक समय बिताना।
- आनुवंशिक (Genetic) कारण।
इसके बचाव के उपाय क्या?
- 20-20-20 का नियम अपनाएं- पढ़ाई या स्क्रीन के इस्तेमाल के दौरान हर 20 मिनट बाद 20 सेकंड के लिए 20 फीट दूर देखें।
- उचित दूरी: पढ़ते समय किताबों और आंखों के बीच 35 से 40 सेमी की दूरी जरूर रखें।
- आउटडोर एक्टिविटी: बच्चों को रोजाना कम से कम 1 घंटा प्राकृतिक रोशनी (सूरज की धूप) में खेलने के लिए मोटिवेट करें।
- स्क्रीन टाइम सीमित करें: बच्चों के डिजिटल स्क्रीन टाइम पर नियंत्रण रखें और नियमित रूप से आंखों का चेकअप कराएं।
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