
लाइफस्टाइल डेस्क। अनियमित दिनचर्या, नींद की कमी, तनाव और खानपान की गड़बड़ी के कारण माइग्रेन की समस्या अब लाइफस्टाइल से भी जुड़ती जा रही है। कम उम्र में सिरदर्द की परेशानी बढ़ना और बार-बार होने वाले दर्द को सामान्य मानकर नजरअंदाज करना चिंताजनक है। बुधवार को रतलाम नईदुनिया के हेलो डाॅक्टर कार्यक्रम में जीडी हास्पिटल के न्यूरोसर्जन डाॅ. प्रतीक मालपानी (एमबीबीएस गोल्ड मेडलिस्ट, एमएस, एमसीएच न्यूरोसर्जरी) ने पाठकों के सवालों के जवाब दिए।

सवाल: मुझे अक्सर सिरदर्द होता है। कभी दर्द तेज हो जाता है और रोशनी में परेशानी महसूस होती है। क्या यह माइग्रेन हो सकता है? - अनुप्रिया जैन, रतलाम
जवाब: माइग्रेन में सिरदर्द के साथ मतली, उल्टी, रोशनी या तेज आवाज से परेशानी हो सकती है। कुछ लोगों को दर्द एक तरफ अधिक महसूस होता है। हालांकि, हर सिरदर्द माइग्रेन नहीं होता। अनियमित नींद, तनाव, भोजन में देरी और पानी कम पीना कुछ लोगों में माइग्रेन को बढ़ा सकते हैं। नियमित दिनचर्या अपनाएं और बार-बार दर्द होने पर चिकित्सक से परामर्श लें। स्वयं से बार-बार दर्द निवारक दवाएं लेना उचित नहीं है।
सवाल: अचानक चक्कर आने लगते हैं और चलते समय संतुलन बिगड़ता है। इसका क्या कारण हो सकता है? - मोतीलाल मालवीय, सैलाना
जवाब: चक्कर आने के कई कारण हो सकते हैं। कान के भीतरी हिस्से में गड़बड़ी से वर्टिगो हो सकता है, जिसमें आसपास की चीजें घूमती हुई महसूस होती हैं। वहीं, रक्तचाप में बदलाव, शरीर में पानी की कमी और कुछ अन्य बीमारियां भी चक्कर आने की वजह बन सकती हैं। यदि चक्कर के साथ अचानक बोलने में परेशानी, शरीर के एक तरफ कमजोरी, दोहरा दिखाई देना या तेज सिरदर्द हो, तो तत्काल आपातकालीन चिकित्सा सहायता लें।
सवाल: सिरदर्द होने पर क्या हर बार एमआरआइ या सीटी स्कैन कराना जरूरी है? - बालकिशन राठौड़, बड़ावदा
जवाब: हर सिरदर्द में एमआरआई या सीटी स्कैन की जरूरत नहीं होती। चिकित्सक पहले दर्द की प्रकृति, उसकी अवधि, बार-बार होने की स्थिति और अन्य लक्षणों की जानकारी लेते हैं। इसके बाद तय किया जाता है कि किसी जांच की आवश्यकता है या नहीं। अचानक बहुत तेज सिरदर्द, चोट के बाद दर्द, लगातार बढ़ती परेशानी या तंत्रिका तंत्र से जुड़े लक्षण होने पर विस्तृत जांच जरूरी हो सकती है।
सवाल: माइग्रेन से बचने के लिए दिनचर्या और खानपान में क्या बदलाव करने चाहिए? - माया जोशी, हसनपालिया
जवाब: माइग्रेन को नियंत्रित करने के लिए नियमित दिनचर्या महत्वपूर्ण है। पर्याप्त नींद लें, समय पर भोजन करें और शरीर में पानी की कमी न होने दें। तनाव कम करने के लिए योग, ध्यान और नियमित व्यायाम मददगार हो सकते हैं। कुछ लोगों में विशेष खाद्य पदार्थ, तेज रोशनी या तेज आवाज भी दर्द बढ़ा सकते हैं। ऐसे में सिरदर्द कब और किन परिस्थितियों में होता है, इसका रिकार्ड रखना उपयोगी है। माइग्रेन की समस्या बार-बार होने या दैनिक गतिविधियां प्रभावित होने पर विशेषज्ञ से परामर्श लें।