
लाइफस्टाइल डेस्क। बार-बार मासिक धर्म में देरी होना, वजन बढ़ना, चेहरे पर मुंहासे आना, अनचाहे बाल बढ़ना या बाल झड़ना जैसी समस्याओं को सामान्य मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यह पीसीओडी यानी पॉलीसिस्टिक ओवरी डिजीज के संकेत हो सकते हैं। पीसीओडी हार्मोन से जुड़ी समस्या है, जिसमें शरीर में हार्मोन का संतुलन प्रभावित होने के कारण मासिक धर्म चक्र भी अनियमित हो सकता है।
समय पर पीसीओडी का उपचार और जीवनशैली में बदलाव नहीं किया जाए तो वजन बढ़ने के साथ इंसुलिन प्रतिरोध और आगे चलकर मधुमेह का जोखिम बढ़ सकता है। कुछ महिलाओं में गर्भधारण करने में परेशानी भी हो सकती है। लंबे समय तक अनियमित मासिक धर्म को नजरअंदाज करने पर गर्भाशय की अंदरूनी परत से जुड़ी समस्याओं का जोखिम भी बढ़ सकता है।

पीसीओडी को नियंत्रित करने में खानपान की महत्वपूर्ण भूमिका है। जंक फूड, अत्यधिक मीठे और तले हुए खाद्य पदार्थों से बचना चाहिए। Dr. मीनाक्षी आर्य, प्रसूति, स्त्री रोग विशेषज्ञ के अनुसार भोजन में पर्याप्त प्रोटीन और अधिक रेशे वाले खाद्य पदार्थ जैसे दाल, पनीर, सोया, सब्जियां, फल, साबुत अनाज और मेवे शामिल करें। योग या अपनी क्षमता के अनुसार किसी भी तरह का व्यायाम नियमित रूप से करना फायदेमंद है।
इसके साथ ही सही समय पर सोना भी जरूरी है। देर रात तक जागने और नींद की दिनचर्या बिगड़ने से हार्मोनल संतुलन प्रभावित हो सकता है। इसलिए पर्याप्त नींद, संतुलित आहार और नियमित व्यायाम को दिनचर्या में शामिल करें। मासिक धर्म लगातार अनियमित हो या अन्य लक्षण दिखाई दें तो स्त्री रोग विशेषज्ञ से सलाह लेकर समय पर जांच और उपचार कराना चाहिए।